तनवीर रंग महोत्सव “तरंगम-4” और बयादगारे कामरेड अकबर आल इंडिया मुशायरे का आयोजन 7 फरवरी से

फिल्म आर्ट कल्चर एंड थिएट्रिकल सोसायटी (FACT) रायपुर द्वारा   सुप्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर की स्मृति मे’ तरंगम 4 और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कामरेड अकबर की याद में ब यादगारे कामरेड अकबर ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन  आगामी 7,8 और 9 फरवरी 2020 को मुक्ताकाशी मंच, महन्त घासीदास संग्रहालय, संस्कृति विभाग परिसर में  किया जा रहा है ।  इस महोत्सव में  प्रथम दो  दिन 7 एवं 8 फरवरी को छत्तीसगढ़ी लोकगीत ,लोक नाचा एवं  नाटय प्रस्तुतियाँ होंगी । आयोजन के आखिरी दिन 9 फरवरी को स्वतंत्रता सेनानी कामरेड अकबर की याद में ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है। इस मुशायरे में देश भर से नामचीन शायर शिरकत करेंगे । रायपुर से वरिष्ठ शायर काविश हैदरी इस मुशायरे में रायपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुशायरे की निज़ामत अमरावती के जनाब अबरार काशिफ करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रायपुर व छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले हबीब तनवीर का जन्म रायपुर में हुआ था । उनकी उपलब्धियों और रंगकर्म मे उनके अद्वितीय व अविस्मरणीय योगदान को सदा स्मरण करते हुए उनकी स्मृति मे फिल्म आर्ट कल्चर एंड थिएट्रिकल सोसायटी(FACT) रायपुर द्वारा गत 4 वर्ष से तनवीर रंग महोत्सव ‘तरंगम’ व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कामरेड अकबर की याद में  बयादगारे कामरेड अकबर ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला मे इस वर्ष तनवीर रंग महोत्सव तरंगम 4 व ब यादगारे कामरेड अकबर ऑल इंडिया मुशायरे  का आयोजन  किया जा रहा है।  तनवीर रंग महोत्सव तरंगम-4 में पहले दिन  की शुरुवात   सूफी गायन से होगी । इसके पश्चात छत्तीसगढ़ के लोकनाचा की दुर्लभ विधा हुड़का की प्रस्तुति होगी । हुड़का नाचा लगभग लुप्तप्राय है जिसे  गोंदा के फूल संस्था ग्राम लहंगाभाठा, बेलगहना के नरेंद्र यादव व साथियों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा ।

    तरंगम 4 के दूसरे दिन की शुरुवात में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) भिलाई द्वारा नाटक “गांधी ने कहा था “का मंचन किया जाएगा । सुप्रसिद्ध नाट्यकार राजेश कुमार डारा लिखित नाटक ” गाँधी ने कहा था ” सत्य और असत्य , विचार और अज्ञान , हिंसा और अहिंसा , इंसानियत और हैवानियत के जद्दोजहद की अभव्यक्ति है l दिलों को पास लाने का एक छोटा सा प्रयास है l इस नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी व निर्देशक चित्रांश श्रीवास्तव ने किया है। समारोह की अंतिम प्रस्तुति के रूप में सुप्रसिद्ध लोकगायिका निर्मला बाई भट्ट का पंडवानी गायन होगा।  

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