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राजनीति में शांत रस काल चल रहा -प्रभाकर चौबे सबके हबीब - जीवेश प्रभाकर'महागठबंधन' लोगों की भावना है न कि राजनीति, बीजेपी के खिलाफ पूरा देश एकजुट:राहुल गांधीफीफा वर्ल्ड कप , जानिए कुछ रोचक तथ्यचे गेवारा : एक डॉक्टर जिसके सपने जाने कितनों के अपने बन गए..निराश करता है 'भावेश जोशी.फीफा वर्ल्ड कप , जानिए कुछ रोचक तथ्य. | | नक्सली हिंसा छोड़े तो वार्ता को तैयार : मनमोहन | केन्द्रीय निगरानी समिति के अध्यक्ष ने राजधानी में किया दो राशन दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण | मुख्यमंत्री से न्यायमूर्ति श्री वाधवा की सौजन्य मुलाकात | राशन वितरण व्यवस्था का जायजा लेंगे न्यायमूर्ति श्री डी.पी.वाधवा | सरकार कश्मीर के बारे में पूरी तरह बेखबर : करात | मुख्यमंत्री ने दी 'ओणम्' की बधाई | भारत ने इंटरसेप्टर मिसाइल की कामयाब लॉन्चिंग की | अमित शाह पहुँचे सीबीआई ऑफिस |
आलेख
राजनीति में शांत रस काल चल रहा -प्रभाकर चौबे
चार साल के भाजपा सरकार के अवदान पर दृष्टि डालें, तो खोजना पड़ता है कि क्या दिया है। पेट्रोल और डीजल की जबरदस्त महंगाई है कि एक कहावत है 'जबरा मारे और रोवन ना दे।' भाजपा सरकार की सबसे बड़े देन यही है कि जनता की पिटाई कर रही है, महंगाई से बेरोजगारी से, जनता भी थक हार सी गई है। रेल में किस रूप से ठगती है, पता नहीं चलता। ठगा जाने के बाद पता लगता है। सरकार ने शायद सत्तर साल पहली बार ऐसा निर्णय लिया, जो आश्चर्यजनक है।
विमर्श    
सबके हबीब - जीवेश प्रभाकर
हबीब तनवीर के लिए नाटक खुराक और रंगमंच ही उनका घर था। उन्होंने रंगमंच को आम आदमी के खोला, उस पर उन लोगों की भागादारी सुनिश्चित की । उन्होंने अपने नाटकों के लिए लोक की समृद्ध परम्परा को माध्यम बनाया । मगर सबसे महत्वपूर्ण यह है कि लोकप्रेमी रंगकर्मी हबीब तनवीर ने अपने नाटकों की लोक की पृष्ठभूमि को प्रयोगधर्मिता के नाम पर विद्रूप नहीं होने दिया, बल्कि अधिक सार्थक एवं प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की और काफी हद तक सफल भी रहे। भारतीय नाट्य परंपरा में लोक को प्रतिष्ठित करने के जिन उद्यमों की हम सराहना करते आए हैं, हबीब तनवीर का सम्पूर्ण रंगकर्म आधुनिक नाट्य में उसका नेतृत्व करता रहा है। लोक उनके यहां हाशिए पर नहीं है, बल्कि उस पूरे नाट्य प्रदर्शन का मुख्य माध्यम होने के साथ ही पूरी लोक परम्परा का उद् घोष है । इस कारण से तनवीर साहब का रंगकर्म केवल हिंदी का ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारत का प्रतिनिधि रंगकर्म है जिसमें हमें भारतीय जन की आस्था भी दिखाई देती है तो आकांक्षा भी,संघर्ष भी दिखाई देता है तो सपना भी।
'महागठबंधन' लोगों की भावना है न कि राजनीति, बीजेपी के खिलाफ पूरा देश एकजुट:राहुल गांधी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को महाराष्ट्र के चंद्रपुर के नांदेड गांव में किसानों के साथ चौपाल पर चर्चा करेंगे। वे यहां एचएमटी धान आविष्कारक और दिवंगत कृषि वैज्ञानिक दादाजी खोब्रागडे के परिजनों से मुलाकात करेंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। बता दें कि दादाजी खोब्रागढ़े को धान की प्रजाति विकसित करने के लिए अवॉर्ड भी मिला था। चंद्रपुर जाने से पहले राहुल ने मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस कर एक बार भाजपा, आरएसएस को आड़े हाथों लिया। साथ ही महागठबंधन को देश के लिए जरूरी बताया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि 'महागठबंधन' लोगों की भावना है न केवल राजनीति।
राजनीति में शांत रस काल चल रहा -प्रभाकर चौबे सबके हबीब - जीवेश प्रभाकर'महागठबंधन' लोगों की भावना है न कि राजनीति, बीजेपी के खिलाफ पूरा देश एकजुट:राहुल गांधीफीफा वर्ल्ड कप , जानिए कुछ रोचक तथ्यचे गेवारा : एक डॉक्टर जिसके सपने जाने कितनों के अपने बन गए..निराश करता है 'भावेश जोशी.फीफा वर्ल्ड कप , जानिए कुछ रोचक तथ्य.
सरोकार      
चे गेवारा : एक डॉक्टर जिसके सपने जाने कितनों के अपने बन गए
फ्रांस के महान दार्शनिक और अस्तित्ववाद के दर्शन के प्रणेता ज्यां-पॉल सार्त्र ने चे गेवारा को अपने समय का सबसे पूर्ण पुरुष जैसी उपाधि दी थी. इसके पीछे गेवारा की भाईचारे की भावना और सर्वहारा के लिए क्रांतिकारी लड़ाई का वह आह्वान था जो उन्होंने दक्षिण अमेरिका के लिए किया था. उनके ये विचार उस नए पुरुष के जन्म का सपना थे जो अपने लिए नहीं बल्कि समाज के लिए मेहनत करता है. अर्जेंटीना में जन्मे एर्नेस्तो गेवारा ने क्यूबा की क्रांति में अहम योगदान दिया था. गेवारा ने ग़ैर साम्राज्यवादी और ग़ैर-पूंजीवादी समाज की कल्पना की थी. इसमें हर कोई बराबर का भागीदार था. उनके इस सपने ने जाने कितने ही युवाओं को सशस्त्र क्रांति की राह पर चलने की प्रेरणा दी.
निराश करता है 'भावेश जोशी
फिल्म सवाल तो कई उठाती है और उनके फिल्मी तथा कॉमिक बुक्सनुमा हल भी देती है परंतु बांधती नहीं।जुबानी खर्च करना आसान है। जमीन पर उतरकर काम करना कठिन। यही वजह है कि भ्रष्टाचार देश में खत्म नहीं होता। नेताओं की सत्ता पर पकड़ लगातार मजबूत होती है और आम आदमी की आवाज निरंतर कमजोर होती जाती है। यह एक डार्क फिल्म के रूप में सामने आती है। मुंबई के तीन दोस्तों को आज के हालात परेशान करते हैं और वे अपने स्तर पर उनसे निपटने की सोचते है। यू-ट्यूब पर इंसाफ टीवी चैनल बना कर वे प्रशासन और सत्ता से टकराते भी हैं।
फीफा वर्ल्ड कप , जानिए कुछ रोचक तथ्य
वर्ल्‍ड कप करियर में सबसे ज्‍यादा गोल करने का रिकॉर्ड ब्राजीलियन फॉरवर्ड रोनाल्‍डो के नाम दर्ज हैं। रोनाल्‍डो ने 15 गोल के साथ यह रिकॉर्ड बनाया है। - फीफा के इतिहास में ओलीवर काहन अकेले ऐसे गोलकीपर हैं जिन्‍हें गोल्‍डन बॉल ट्राफी से नवाजा गया है। - फुटबॉल वर्ल्‍ड कप से भारत ने वर्ष 1950 में अपना नाम वापस ले लिया था। कहा जाता है कि खिलाड़ियों के पास खेलने के लिए बूट्स नहीं थे और फीफा के नियमों के मुताबिक, नंगे पैर खेलने की इजाजत नहीं थी। - नॉरमन व्‍हाइटसाइड की उम्र सिर्फ 17 साल थी जब उन्‍होंने 1982 में आयोजित हुए फीफा वर्ल्‍ड कप में हिस्‍सा लिया था। इस वर्ल्‍ड कप के साथ ही वह वर्ल्‍ड कप में खेलने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।
आज से फीफा वर्ल्ड कप का आगाज, जानिए कुछ रोचक तथ्य
रूस के 11 शहरों के 12 खूबसूरत मैदान 21वें फीफा विश्व कप में दुनिया की 32 बेहतरीन टीमों की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं। रूस पहली बार विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। आज 14 जून को पहला मुकाबला रूस और सऊदी अरब के बीच खेला जाएगा। गूगल ने इसे लेकर डूडल भी तैयार किया है। अर्जेंटीना में आयोजित हुए 2006 विश्व कप के बाद से यूरोप में आयोजित होने वाला यह पहला विश्व कप है। इससे पहले 2014 का विश्व कप जर्मनी ने जीता था। 15 जुलाई को होगा फाइनल 15 जुलाई तक चलने वाले फुटबॉल के इस महाकुंभ में मौजूदा चैंपियन जर्मनी के अलावा, पूर्व चैंपियन स्पेन, ब्राजील, अर्जेंटीना, फ्रांस और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमें एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार होंगी।