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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर जानलेवा हमला
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बीते दिनों सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के मामले में जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर जानलेवा हमला हुआ है. रावण के साथ-साथ संगठन के जिलाध्यक्ष कमल वालिया पर भी हमला हुआ है. उनके बैरक में भी तोड़फोड़ की गई है. घटना के विरोध में भीम आर्मी के सदस्यों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. गुरुवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में जमा हुए, जहां उन्होंने जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने डीएम और एसएसपी को चंद्रशेखर आजाद और कमल वालिया पर हुए जानलेवा हमले के बारे में सूचित किया. शिकायत के मुताबिक, तीन दिन पहले जिला जेल के बैरक नंबर-9 में बंद चंद्रशेखर आजाद पर हमला किया गया और बैरक में तोड़फोड़ भी की गई. सदस्यों का आरोप है कि यह सब जेल प्रशासन के इशारे पर हुआ. जेल में ही भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया का भी उत्पीड़न हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिला जेल प्रशासन भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर जातिगत अत्याचार कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान कमल वालिया की मां वहां मौजूद रहीं. कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. ऐसा न होने की दशा में उन्होंने दलित समाज द्वारा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी. वहीं जेल अधीक्षक डा. वीरेश शर्मा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. उनका कहना है कि बैरक में चंद्रशेखर को अकेला रखा गया है. वहां कोई आता-जाता नहीं है. चंद्रशेखर पर किसी ने कोई हमला नहीं किया. यह गलत आरोप लगाए जा रहे हैं. गौरतलब है कि सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा मामले में भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को 8 जून को गिरफ्तार किया गया था. रावण की गिरफ्तारी में उसकी गर्लफ्रेंड की अहम भूमिका रही थी. पुलिस ने रावण को उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वह गर्लफ्रेंड के साथ डलहौजी में घूम रहा था.


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