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स्कूल में नैतिक शिक्षा
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स्कूल में नैतिक शिक्षा का शुभारंभ करने हेडमास्टर ने पंचायत अध्यक्ष को मुख्य अतिथि बनाया। हेडमास्टर से पंचायत अध्यक्ष नाराज चल रहा था। हर जगह कहता यह हेडमास्टर मुझे पूछता नहीं। पंद्रह अगस्त को झंडा भी दूसरे से फहरवा देता है। हेडमास्टर को पंचायत अध्यक्ष की नाराजगी पता थी। हेडमास्टर ने पंचायत अध्यक्ष की नाराजगी दूर करने नैतिक शिक्षा शुभारंभ दिवस का उसे मुख्य अतिथि बना दिया। नैतिक शिक्षा शुभारंभ दिवस पर स्कूल को खूब सजाया गया। मंच पर बारह कुर्सियां रखी गईं। फूल मालाएं मंगाई गईं। मुख्य अतिथि और विशिष्टजनों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था थी। एकदम नैतिकता का पालन करते हुए पंचायत अध्यक्ष ठीक समय पर पहुंचे। साथ में आठ-दस समर्थक भी आए। अपने समर्थकों से पंचायत अध्यक्ष ने कहा आज यह हेडमास्टर मेरा नमन करेगा। खूब अकड़ता रहा है। मंच पर कुर्सियां कम पड़ीं, और कुर्सियां रखवाई गर्इं। प्रारंभ में हेडमास्टर ने भाषण दिया। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता की बात है कि आज स्कूल में नैतिक शिक्षा दिवस का शुभारंभ हो रहा है। आशा है अब यहां नैतिकता का प्रवेश होगा। आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि पंचायत अध्यक्ष नैतिक शिक्षा दिवस के मुख्य अतिथि हैं। हमारे पंचायत अध्यक्ष न तम्बाकू खाते, न सिगरेट पीते, न गुटका खाते। एक समर्थक युवक ने दूसरे समर्थक युवक के कान में कहा दारू पिये से फुरसत पाए तब गुटका खाए। दूसरे ने उसके कान में फुसफुसाया- चुनाव में दारू, बांटथे, अइसे बता न। हेडमास्टर के स्वागत भाषण के बाद अतिथियों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। स्वागत के बाद मंच संचालन करने वाले शिक्षक ने कहा- हमारे आज के इस नैतिक शिक्षा दिवस शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरपंच अध्यक्ष जी एम.ए. एल.एल.बी. पास हैं। एक समर्थक ने दूसरे समर्थक से कहा-चिट मार के पास हुआ है। मैं चिट पहुंचाता रहा। मंच संचालक ने कहा- मुख्य अतिथि सरपंच अध्यक्ष जी नैतिक शिक्षा की जरूरत और जीवन में नैतिकता के महत्व पर अच्छी ज्ञानवर्धक बातें कहेंगे। एक समर्थक ने दूसरे समर्थक के कान में कहा-चार दिन पहले तुलसीदास कृत रामायण हिन्दी टीका सहित इसे देकर आया हूं। बार-बार कह रहा था कि नैतिक शिक्षा दिवस पर भाषण देना है, टीका सहित रामायण ला दे। गीता, विवेकानंद की जीवनी, सद्गुणी कैसे बनें, जीवन सफल कैसे हो किताबें भी दी हैं। दूसरे समर्थक ने कहा- तुमने नैतिक शिक्षा पर नोट्स तैयार करके दिया है क्या। तब तो एक घंटा बोलेगा। फंस गए। एक समर्थक ने कहा- मैं तो टेंडर पर बात करने इसके पास आया था, यहां ले आया मुझे। एक और समर्थक ने कहा- साहू पारा की गली को सीमेंटेड करना है, उसका टेंडर भरा है मैंने। उसी पर बात करनी थी। यहां फंसा दिया। एक समर्थक ने कहा- सारा टेंडर तुम लोग झटक लोगे तो मैं क्या गोबर बीनूं? पानी टंकी निर्माण का टेंडर उसे, सीमेंट सड़क बनाने का टेंडर तुझे तो मुझे क्या मिलेगा? इसके चुनाव में एक लाख लगाया है मैंने। एक समर्थक ने कहा- बस एक लाख ही लगाया है। मैंने इसके चुनाव में दारू बांटने का जिम्मा लिया था। चार लाख की दारू पी गए वोटर। एक समर्थक ने कहा- लेकिन मुझे एकाध ठेका तो मिले। एक भी काम न मिले तो गुजारा कैसे होगा। एक और समर्थक ने कहा- एक आइडिया। यार तुम स्कूल सफाई का ठेका ले लो। समर्थक ने पूछा- ये स्कूल सफाई ठेका क्या है। उस समर्थक ने कहा- देख भाई, पंचायत के अंडर जितने स्कूल हैं वहां रोज झाड़ू लगना चाहिए। अखबार वाले छाप रहे हैं कि स्कूलों में बच्चे झाड़ू लगा रहे। अब तुम सफाई का ठेका ले लो। तुम्हारे घर जो नौकर-चाकर काम कर रहे हैं, उन्हें स्कूल में झाड़ू लगाने भेज दिया करो। कभी किसी स्कूल में, कभी किसी और स्कूल में। ठेके पर सफाई का काम ऐसे ही चलता है। और ठेके का रुपिया तुम्हारी जेब में। हींग लगे न फिटकरी, रंग चोखा। एक साल में तू अपनी बोलेरो में घूमेगा। समर्थक ने कहा- मैं बोलेरो किराए से चलवा दूंगा। उस समर्थक ने कहा- पंचायत में मंथली रेट पर किराए से लगवा देना। समर्थक ने कहा- आइडिया बढ़िया है। यह आइडिया पंचायत सरपंच को देना है और पास कराना है। उस समर्थक ने कहा- अरे यह भाषण झाड़ रहा है। जल्दी खतम कर यार पंचायत सरपंच। बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहा है, इधर हमारी नैतिकता इंतजार कर रही है। समर्थक ने कहा- देख कैसे मानस की चौपाई बोल रहा है- पर हित सरिस धरम नहीं भाई... वाह! उस समर्थक ने कहा- तो जल्दी भाषण खतम कर और हमारा हित करने चल। एक समर्थक ने कहा- सुन तो क्या बोल रहा है सरपंच अध्यक्ष। समर्थक ने पूछा- क्या बोला। उस समर्थक ने कहा- कहा, कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए। समर्थक ने कहा- सही बात बोला। इसने चुनाव में दारू बांटने, साड़ी बांटने का वायदा किया था। वायदा निभाया। झूठ नहीं बोला। सत्य वचन। एक समर्थक ने कहा- कितना भाषण लिखकर दे दिया था यार तूने। समर्थक ने कहा- मैंने कहां लिखा। स्कूल के गुरूजी से लिखवाया। उस समर्थक ने कहा- नैतिकता पर भाषण है, चलेगा, लम्बा चलेगा, डटे रहो पंचायत सरपंच। एक समर्थक ने कहा- अरे, पंचायत सरपंच तो पानी बचाओ नैतिकता पर आ गया। एक समर्थक ने कहा- इसीलिए गांव में हैण्डपम्प नहीं खुदवा रहा। एक और समर्थक ने कहा- हैंडपम्प नहीं खुदवाने का असली कारण है कोई तगड़ा कमीशन देने वाला नहीं मिला अब तक। सरपंच अध्यक्ष का नैतिकता पर भाषण चल रहा था। बच्चे उबासी ले रहे थे। एक दो लोग तम्बाकू फांक रहे थे। कुछ आपस में बातें कर रहे थे। शिक्षक घड़ी देख रहे थे। हेडमास्टर सरपंच अध्यक्ष को घूरे जा रहा था। एक समर्थक ने कहा- चल चलें। समर्थक ने कहा- यार, टेंडर वाली बात है नहीं तो चल देता। एक समर्थक ने कहा- नैतिकता पर इतना लम्बा भाषण- यार, इतनी कठिन और लम्बी होती है नैतिकता। बोर हो गए। नैतिकता ऐसी करनी है तो चुनाव कैसे लड़ना है।


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