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मनाली
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हिमाचल प्रदेश में स्थित मनाली कुल्लू घाटी के पूर्वी छोर पर बसा शांत पर्वतीय पर्यटन स्थल है। बर्फ से ढंकी चोटियां, देवदार के ऊंचे वृक्ष, कलकल बहती व्यास नदी और शांत-प्राकृतिक नजारों से भरपूर वातावरण पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है.
मनाली में रोमांचकारी पर्यटन भी मशहूर हैं। यहां स्थित पर्वतारोहण संस्थान रोमांचकारी पर्यटन में इच्छुक पर्यटकों को गर्मियों में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण भी देता है। मनाली शीतकालीन खेल पर्यटाकों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र है।
प्रमुख आकर्षण-
हिडिंबा मंदिर: 1553 में कुल्लू के तात्कालीन शसक महाराजा बहादुर द्वारा निर्मित यह मंदिर वास्तु और काष्ठकला की बेजोड़ मिसाल है। पेगोड़ा शैली में निर्मित यह मंदिर देवदार में घने जंगल में स्थित है।
व्यास कुंड: हिमालय की प्रमुख नदी व्यास का यह उद्गम स्थल रोहतांग दर्रे के करीब है। यहां महर्षि व्यास ने तपस्या करके जलधारा बहाई थी, इसीलिए इसे व्यास कुंड कहते हैं।
अर्जुन गुफा: मनाली से 6 किमी. दूर इस गुफा में अर्जुन ने तपस्या कर पशुपति अस्त्र प्राप्त किया था। जगतसुख: मनाली से 6 किमी. दूर यह स्थान प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। 8 वीं शताब्दी में निर्मित गौरीशंकर मंदिर हिमाचल के प्राचीनतम पत्थरों से निर्र्मित है। सोलंग घाटी: रोहतांग के समीप स्थित यह घाटी बर्फ से ढंके पहाड़ों तथा ग्लेशियरों के अद्भूत नजारे प्रस्तुत करती है। इनके अलावा यहां नेहरू कुंड, कोठी, राहला फाल रोहतांग दर्र्रा, वशिष्ठ आदि दर्शनीय स्थल हैं। कैसे जाएं- मनाली में ठहरने के लिए होटल अंबेसेडर, बेनन, चद्रमुखी, चांद पैलेस, ड्रीमलैंड, डे्रगन गेस्ट हाउस, गीतांजलि आदि व्यवस्थाएं है। कब जाएं- मनाली जाने का सबसे बेहतर समय मई से अक्टूबर के बीच है। इस समय यहां का मौसम बड़ा खुशगवार होता है।


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