- राजनीती
- व्यापार
- महिला जगत
- बाल जगत
- छत्तीसगढ़ी फिल्म
- लोक कल
- हेल्पलाइन
- स्वास्थ
- सौंदर्य
- व्यंजन
- ज्योतिष
- यात्रा

ब्रेकिंग न्यूज़ :

साहित्य 2012- उम्मीद का उर्वर प्रदेश--दिनेश कुमार | चीन और श्रीलंका से भी ज्यादा 'भ्रष्ट' है भारत | रुक सकता है एड्स का कहर | नशे की समस्या से जूझता संपन्न पंजाब | सैमसंग अब दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी | खूबसूरती के बाजार की मल्लिका शहनाज हुसैन | बांग्लादेश में अस्तित्व की लड़ाई लड़ते बिहारी मुसलमान | बांग्लादेश में अस्तित्व की लड़ाई लड़ते बिहारी मुसलमान | डेढ़ महीने में दो अरब का नुकसान | आसमान को खोदने की तैयारी |

होम
प्रमुख खबरे
छत्तीसगढ़
संपादकीय
लेख  
विमर्श  
कहानी  
कविता  
रंगमंच  
मनोरंजन  
खेल  
युवा
समाज
विज्ञान
कृषि 
पर्यावरण
शिक्षा
टेकनोलाजी 
रुक सकता है एड्स का कहर
Share |

एड्स को जल्द खत्म किया जा सकेगा. नई दवाओं और इलाज की वजह से बीमारी को फैलने से रोकने में भी मदद मिल रही है. रिपोर्ट में लिखा है कि ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस एचआईवी के इलाज के लिए अब नई दवाएं मिल रही हैं. इनकी मदद से एड्स कम फैल रहा है. 2011 में पूरे विश्व में इस बीमारी से करीब तीन करोड़ चालीस लाख लोग जूझ रहे थे. दुनिया भर में बीमारी के कम फैलने से अब नए संक्रमणों की तादाद 25 लाख गिर गई है. 2001 में इससे 20 प्रतिशत ज्यादा लोग एड्स का शिकार बने. 2011 में 17 लाख लोग एड्स से मारे गए जबकि 2005 में यह आंकड़ा 23 लाख था और 2010 में यह 18 लाख तक गिर गया. रिपोर्ट के मुताबिक, "एड्स दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से है. विश्व भर में एड्स को रोकने के खिलाफ साथ मिलकर स्वास्थ्य को बेहतर करने में बहुत फायदा हुआ है." इसकी वजह एचआईवी को रोकने के लिए बने खास कार्यक्रम हैं. साथ ही नई दवाएं पुरानी के मुकाबले ज्यादा असरदार साबित हो रही हैं. 1995 में एड्स के इलाज के लिए एंटीरेट्रोवायरल थेरैपी का विकास किया गया. तब से लेकर अब तक गरीब देशों में एक करोड़ चार लाख लोगों की जानें बचाई जा सकी हैं. 2011 के अंत में 80 लाख लोग इलाज करा रहे थे जो 2003 से 20 गुना ज्यादा है.आधुनिक शोध से पता चला है कि एचाईवी का पता लगने के बाद अगर सही वक्त पर इलाज हो तो बीमारी कम फैलती है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक नए इन्फेक्शन सबसे ज्यादा कैरेबियाई देशों और सहारा मरुस्थल के नीचे के अफ्रीकी देशों में फैल रहा था लेकिन एक दशक बाद बीमारी फैलने में 25 प्रतिशत कमी आई है. हालांकि अभी भी ये 71 फीसदी है. जहां तक मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका की बात है संक्रमण 2001 के बाद से वहां 35 फीसदी से बढ़े हैं. हाल के दिनों में मध्य एशिया में संक्रमणों की संख्या बढ़ी है. भारत में करीब 16 लाख लोग एड्स का शिकार हैं.


Send Your Comment
Your Article:
Your Name:
Your Email:
Your Comment:
Send Comment: