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भारत पहुंची स्टारबक्स की चुस्की
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दुनिया के सबसे बड़े कॉफी चेन स्टारबक्स ने मुंबई में अपना पहला आउटलेट खोला है. वह युवा शहरी भारतीयों की कॉफी की बढ़ती ललक का फायदा उठाने वाला सबसे नई ग्लोबल कंपनी है. अमेरिकी शहर सिएटेल की कंपनी भारत के बाजार में स्थानीय कंपनी टाटा के साथ ज्वाइंट वेंचर के सहारे घुसी है. टाटा औद्योगिक घराना उपभोक्ता सामग्री से लेकर कार और ट्रक तक बनाता है, लेकिन अपनी चायों के लिए भी जाना जाता है. स्टारबक्स ने भारत आए पिज्जा हट या मैकडोनल्ड जैसे दूसरे पश्चिमी फूड चेन की ही तरह स्थानीय स्वाद के मेन्यू शामिल किए गए हैं. उनमें मुर्ग टिक्का पाणिनी, इलायची के स्वाद वाला क्रोसां और हिमालयन मिनरल वाटर शामिल है. मुंबई में आउटलेट के लॉन्च के मौके पर कंपनी प्रमुख हॉवर्ड शुल्ज ने भारत को स्टारबक्स के दुनिया के बड़े बाजारों में से एक बताया और कहा कि कीमतें प्रतिस्पर्धी रहेंगी. दोमंजिला आउटलेट दक्षिण मुंबई के होर्निमन सर्किल में खोला गया है जहां लक्जरी हर्म्स स्टोर भी है. स्टारबक्स कैफे में कॉफी की आम किस्में भी हैं, लेकिन कुछ किस्में टाटा के कॉफी बागान की हैं. मझौले साइज की कैपेचीनो 115 रुपये की है तो कॉफी अमेरिकानो की कीमत 110 रुपये है भारत परंपरागत रूप से चाय पीने वाला देश है, लेकिन युवा लोगों में कॉफी पीने की लत बढ़ रही है और वे घर पर कॉफी पीने के अलावा पश्चिमी स्टाइल वाले कैफे में भी जाने लगे हैं. बाजार में स्टारबक्स का मुकाबला पांव जमाए भारतीय कंपनी कैफे कॉफी डे के अलावा ब्रिटेन की कोस्टा कॉफी और अमेरिका की कॉफी बीन एंड टी लीफ जैसी विदेशी कंपनियों से है. कंसल्टेंसी कंपनी टेक्नोपैक के प्रतिची कपूर का कहना है कि जाना माना ग्लोबल ब्रैंड होने के कारण स्टारबक्स के सफल होने की संभावना है. कपूर कहते हैं, "स्टारबक्स, कैफे और पांच सितारा होटल के बीच की अच्छी जगह देता है, यदि मैं उतना खर्च नहीं करना चाहता जितना होटल में होता है." भारत का कॉफी बाजार इस साल 23 करोड़ डॉलर का है और अगले पांच सालों में उसके 13-14 फीसदी के दर से बढ़ने की संभावना है पिछले पांच सालों में भारत में 1,250 नए कॉफी हाउस खुले हैं और 2017 तक और 1,000 कॉफी हाउस खुलने की उम्मीद है. मुंबई में पहला आउटलेट खोलने के मौके पर स्टारबक्स के अधिकारियों ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि वे आने वाले दिनों और कितने कैफे खोलना चाहते हैं. लेकिन इतना जरूर बताया है कि आने वाले हफ्तों में मुंबई में दो और कैफे खुलेंगे और अगले साल से राजधानी दिल्ली के लोग भी सीसीडी और बारिस्ता के साथ साथ स्टारबक्स का मजा ले पाएंगे. कभी लेखकों, कलाकारों और राजनीतिज्ञों का अड्डा होने वाले कॉफी हाउस संस्कृति भारत में सामप्त हो गई लगती थी. लेकिन आर्थिक सुधारों ने उसे वापस लौटाना शुरू कर दिया है. टेक्नोपैक के कपूर कहते हैं, "यह लोगों के लिए बहुत अच्छा सोशल प्लेटफॉर्म है, यह कैफे मार्केट. यह लोगों को समय बिताने के लिए और मस्ती करने के लिए आमंत्रित करता है


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