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25 अक्टूबर को वरिष्ठ साहित्यकार आनंद बहादुर द्वारा अनूदित विश्व साहित्य की दस कालजयी कहानियों के संग्रह ‘दस द्वार’ का लोकार्पण एवं कविता-संग्रह ‘बाहर भी एक भीतर है’ पर विमर्श का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में देश के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे।
कलमशाला प्रकाशन, प्रयागराज, द्वारा आगामी 25 अक्टूबर, इतवार को संध्या 5:00 बजे रायपुर के विमतारा भवन में कवि, कथाकार, अनुवादक आनंद बहादुर की दो किताबों को केंद्र में रखकर एक साहित्यिक आयोजन किया गया है। इस आयोजन में आनंद बहादुर के अभी अभी प्रकाशित कविता-संग्रह ‘बाहर भी एक भीतर है’ पर देश के लब्धप्रतिष्ठ विद्वानों द्वारा परिचर्चा तथा उनके द्वारा अनूदित विश्व साहित्य की दस कालजयी कहानियों के संग्रह ‘दस द्वार’ का लोकार्पण किया जाएगा। कविता संग्रह की परिचर्चा में शामिल होंगे वरिष्ठ आलोचक तथा साहित्य अकादमी के सदस्य सियाराम शर्मा, हिंदवी के प्रधान संपादक कवि उपन्यासकार अविनाश मिश्रा तथा वरिष्ठ कथाकार-आलोचक प्रभुनारायण वर्मा, एवं अध्यक्षता करेंगे जाने-माने कवि-आलोचक रीवा विश्वविद्यालय के हिंदी के पूर्व विभागाध्यक्ष दिनेश कुशवाह। आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे मूर्धन्य कवि केशव तिवारी। इसके अलावा एक उच्च स्तरीय काव्य गोष्ठी होगी जिसमें दिनेश कुशवाह, केशव तिवारी, अविनाश मिश्र, आशुतोष प्रसिद्ध, अलीम नक़वी, अंजन कुमार, पीयूष कुमार तथा इमरान अब्बास सहित कई कवि काव्य-पाठ करेंगे। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण देश भर में अपनी ख्याल गायकी के अनूठे अंदाज के लिए मशहूर वसु गंधर्व का शास्त्रीय गायन होगा, जिसके साथ संगत करेंगे मूर्धन्य तबला वादक तालमणि अशोक कुर्म। इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए कलमशाला के प्रकाशक रवि मिश्र तथा प्रधान संपादक आशुतोष प्रसिद्ध प्रयागराज से रायपुर पधार रहे हैं। यह कलमशाला प्रकाशन का एक अभिनव कदम माना जा सकता है कि वह न सिर्फ श्रेष्ठ साहित्य का निरंतर स्तरीय प्रकाशन कर रहा है बल्कि अपने साहित्यकारों को सम्मान देने के लिए उनके गृहनगर जाकर उनके कृतियों पर परिचर्चा तथा लोकार्पण आयोजित करता है।
कलमशाला के प्रकाशक रवि मिश्रा ने रायपुर शहर के साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों तथा संगीत प्रेमियों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने का निवेदन किया है।
कलमशाला प्रकाशन द्वारा जारी
