नेहरू जी ने कहा था कि वंदे मातरम और जन गण मन एक आयोजन में बिलकुल गाए...
विविध
रवींद्रनाथ टैगोर पर सवाल करते हैं, उन्हें नही पता कि उन्होंने कितना लिखा है और क्या क्या...
विकल्प विमर्श वीकेंड – एक कहानी- में आज पढ़ें सुप्रसिद्ध साहित्यकार रांगेय राघव की कहानी :गदल –...
प्रिय दर्शन डेढ़ सौ साल पहले जो लोग नहीं चाहते थे कि फुले समाज में लड़कियों को...
फिल्म ‘फुले’ एक कालखंड को सहेजती फिल्म है। फिल्म को बिना किसी पूर्वाग्रह के और विस्तृत नजरिये...
प्रसिद्ध जासूसी उपन्यासकार इब्न-ए-सफ़ी के बारे में उनके पुराने पाठकों को पता होगा कि वे एक अच्छे...
वरिष्ठ कथाकार एवं अकार के संपादक प्रियंवद ने कहा – साहित्य का उद्देश्य मनुष्यता के साथ खड़े...
वे वहाँ कैद हैं- प्रियंवद का पहला उपन्यास है जो उन्होंने 1990 में लिखा। उसके बाद 2002...
यह कोई महान फिल्म नहीं है, लेकिन बेहद ज़रूरी फिल्म है। ‘छावां’ जैसी सांप्रदायिक दुष्प्रचार में मददगार...
1997 में स्थापित दलित लेखक संघ की 12वीं कार्यकारिणी का चुनाव दिल्ली में दिनांक 30 मार्च 2025...
