:फ्रांसीसी कथाकार मोपांसा (1850.1893) को आधुनिक कहानी का पिता माना जाता है. कहते हैं मोपासां ने कहानियों...
फ़ैज़ मात्र उर्दू कवि नहीं थे बल्कि मजदूर वर्ग के भारतीय उपमहाद्वीप के महाकवि थे। वे सारी...
मीर तकी मीर के व्यक्तित्व की विशेषता थी स्थिरता, दृढ़ता,भौतिक सुखो के प्रति लापरवाही,उच्च मूल्यों के प्रति...
आज की हिंदुत्ववादी राजनीति के शिखर पर जो बैठे हैं, वे खुद सभ्य नहीं हैं।यह अनजाने नहीं...
सफलता के हिसाब से आंदोलनों की भूमिका का मूल्यांकन करने वाले एकबारगी ही स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों...
बज़्मे अदब के तत्वावधान में “ब यादगारे कामरेड अकबर व सलमा सरोश” ऑल इंडिया मुशायरा का आठवां...
गांधी के हत्यारे के विचार हमारे देश के नागरिकों के विचार नहीं हो सकते। मानें या न...
विश्व पुस्तक मेले में माधव हाड़ा के ग्रन्थ भक्ति अगाध अनंत पर आयोजित परिचर्चा में वरिष्ठ साहित्यकार...
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ भिलाई दुर्ग के तत्वावधान में प्रख्यात साहित्यकार ,संपादक ज्ञानरंजन के निधन पर शोकसभा...
मनोज रूपड़ा प्रकरण में लेखक और लेखक संगठन तो लेखक के अपमान के खिलाफ़ अपना आक्रोश और...
