“तुमसे न होगा मोदी जी!”

May 1, 2021

शंभूनाथ शुक्ल एक प्रधानमंत्री और उसके मुख्यमंत्रियों की यह नाकामी उस व्यवस्था की पोल खोलती है जो ख़ुद पिछले सात वर्षों में भाजपा ने गढ़ी है। हर जगह संवेदन-शून्य लोगों की नियुक्ति से यही होगा। पब्लिक मशीन नहीं होती। वह एक जीता-जागता समाज है। एम आसैपंडी नोएडा के सेक्टर 51 स्थित केंद्रीय विहार में रहते […]

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क्या है सिस्टम का फेल होना?

May 1, 2021

विक्रम सिंह लोगों को बताया जा रहा है कि जनता ही सिस्टम है, इसलिए जनता फेल हो गई। सिस्टम का फेल होना आपका फेल होना है। हमारे देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने आतंक मचा रखा है। हस्पताल से श्मशान/कब्रिस्तान तक लम्बी कतारें लगी हैं। जनता आशंकित और आतंकित दिख रही है। ऊपर […]

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आस्था, राजनीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य: कोविड-19–राम पुनियानी

April 30, 2021

कोविड-19 की दूसरी और कहीं अधिक खतरनाक लहर पूरे देश में छा चुकी है. जहाँ मरीज़ और उनके परिजन बिस्तरों, ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं वहीं कोविड योद्धा इस कठिन समय में समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. लोगों की भोजन और […]

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जो सरकार बार बार पीड़ा देती है, उसे हटा देना चाहिए! -अपूर्वानंद

April 30, 2021

परपीड़ा की राजनीति फल देती है। वह निष्क्रिय पीड़कों के समाज का निर्माण करती है। वह पीड़ा की वैधता भी स्थापित करती है। एक हिस्से को पीड़ित होते रहना होगा जिससे एक बड़े समुदाय को आनंद मिल सके। एक छोटी अवधि तक पीड़ित होना होगा, जिससे चिरकाल का सुख मिल सके। जो पीड़ा की शिकायत […]

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आईपीएल; लाशों की पिच पर दम तोड़ती मानवता का खेला – जीवेश चौबे

April 28, 2021

हमेशा की तरह एक बार फिर देश में क्रिकेट का आइटम सॉंग कहे जाने वाले 20-20 का भोंडा प्रदर्शन शुरु हो चुका है। क्रिकेट की लोकप्रियता और भारतीय जनमानस की उत्सवधर्मिता के चलते इसमें कोई बहुत वाद- विवाद या विमर्श की गुंजाइश नहीं रह जाती , मगर इस बरस इसके टायमिंग को लेकर देश का […]

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मुख्य न्यायाधीश एस. ए. बोबडे पर कुछ चिंतन-इंदिरा जयसिंह

April 27, 2021

भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान न्यायदर्शन के साथ-साथ वर्षों से उनके पेशेवर कार्यकलापों को रेखांकन करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह 47 वें सीजेआई के रूप में न्यायमूर्ति एसए बोबडे की जटिल विरासत पर नज़र डाल रही हैं और उन्हें एक ऐसे ग़ैर-परंपरागत न्यायायिक अधिकारी के […]

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हिन्दू कालेज, दिल्ली में अभिधा का समापनः भारतीयता की खोज समकालीन नाटक की सबसे अद्भुत विशेषता – प्रो आशीष त्रिपाठी

April 27, 2021

नई दिल्ली।  ‘बिना रंगमंच के नाटक की कल्पना नहीं हो सकती, ठीक उसी तरह जैसे बिना शब्द के संगीत की कल्पना संभव नहीं।’ कवि,आलोचक एवं नाटक-रंगमंच के अध्येता प्रो. आशीष त्रिपाठी ने उक्त विचार हिंदी साहित्य सभा, हिंदू कॉलेज द्वारा आयोजित ‘अभिधा’ के तीसरे और अंतिम दिन ‘समकालीन हिंदी नाटक’ विषय पर अपने विचार व्यक्त […]

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कॉमरेड पी सी जोशी एवं डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर “आंबेडकर की वैचारिकी और भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का अंतर्संबंध” पर ऑनलाइन संगोष्ठी

April 27, 2021

“भारत में जनमुक्ति के लिए जरूरी हैं मार्क्स और आम्बेडकर, दोनों ही के विचार” भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की केंद्रीय समिति द्वारा 14 अप्रैल 2021 को हाल में दिवंगत महाराष्ट्र इप्टा के समन्वयक और प्रसिद्ध फिल्म कलाकार इप्टा के साथी विजय वैरागड़े उर्फ़ वीरा साथीदार की याद में कॉमरेड पी सी जोशी एवं डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती […]

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मोदी की कोविड-19 रणनीति से सामाजिक विश्वास हुआ क्षीण

April 25, 2021

एजाज़ अशरफ़ महामारी से निपटने को लेकर मोदी और उनकी सरकार की योजनाएं लोगों की समझ से परे हैं। सामाजिक विश्वास का जिस क़दर क्षरण हुआ है, उसकी भरपाई कोई भी चुनावी जीत से नहीं हो पायेगी। कोविड-19 की दूसरी लहर में पिस रहे भारत को दिलासा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र […]

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जहां हमेशा धर्म संकट में रहता है, वहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण की ज़रूरत आन पड़ी!

April 25, 2021

राज कुमार इस समय वैज्ञानिक सोच की बड़ी ज़रूरत महसूस की जा रही है। उस अख़बार में भी वैज्ञानिक सोच का इश्तिहार छप रहा है जिस अख़बार को लोग ख़रीदते ही राशिफल देखने के लिये हैं।देश का स्वास्थ्य ढांचा चरमराया हुआ है। ऑक्सीजन, बेड और वेंटिलेटर के लिये हाहाकार मचा है। लोगों को लगातार संदेश […]

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