एक पत्रकार ने एक दुबले-पतले, सफ़ेद दाढ़ी वाले व्यक्ति से पूछा, ‘भाई साहब, आप कौन हो?आंदोलनकारियों के...
विमर्श
यह नारा उस उन सारे साहित्यिक, सांस्कृतिक संदर्भों की मुखालिफत है जिसके जरिए मर्द ने औरत की...
बीसवीं सदी के उन शुरुआती सालों में जनता में एक गुस्सा था, लेकिन कोई राह नहीं थी....
देवर्तमान में देश के पास तीन विकल्प हैं। पहला विकल्प स्वैच्छिक दासता का है, दूसरा विकल्प चुनाव...
प्रभाकर चौबे संवाद श्रृंखला का 9 वाँ आयोजन 2 अक्टूबर 2026 को रायपुर में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में...
हालांकि गांधी की आत्मकथा का शताब्दी वर्ष का ठीक ठीक निर्धारण कठिन है।गांधी ने आत्मकथा मूलतः गुजराती...
हालिया राजनैतिक उथल पुथल पर भगत सिंह का यह लेख काफी अहम् व् प्रासंगिक लगता है। यह...
विकल्प विमर्श वीकेंड – एक कहानी- में आज पढ़ें सुपरिचित कथाकार शशिभूषण द्विवेदी (26 जुलाई 1975 -7...
आज के दौर में मुश्किल यह है हमारे पास संचार की तकनीक है लेकिन मानवीय सहानुभूति नहीं...
5 सितंबर को प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षा में निजीकरण और उदारीकरण की नीति का...
