विविध

हाथरस घटना : जाति की जंग और सत्ता का घिनौना चरित्र| नारीवादी चश्मा

October 5, 2020

स्वाति सिंह सवाल है कि आख़िर क्यों न पीड़िता की जाति और उसके वर्ग का उल्लेख हो। हमें नहीं भूलना चाहिए कि बलात्कार के पीछे विचार ही अपने विशेषाधिकार की सत्ता का क्रूर प्रदर्शन करना है, वो विशेषाधिकार जो उन्हें अपनी विशेष जाति, धर्म या वर्ग से मिला है। ऐसे में महिला की जाति और उसका वर्ग […]

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ब्राह्मणवादी पितृसत्ता और जातिवाद है दलित महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की वजह

October 3, 2020

गायत्री यादव दलित महिलाओं के बलात्कार और शारीरिक शोषण के मूल में समाज में निहित ब्राह्मणवादी पितृसत्ता और अपनी जाति के सर्वोच्च होने का अहंकार है। यौन हिंसा दलित-आदिवासी औरतों के ख़िलाफ़ शोषण और दमन के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। बीते 14 सितंबर को उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में […]

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वीपी मेनन : जो न होते तो भारत का नक्शा भी ऐसा नहीं होता

September 30, 2020

अनुराग भारद्वाज सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ मिलकर वीपी मेनन ने भारत की आजादी के समय मौजूद 550 से ज्यादा रियासतों का एकीकरण किया था.वीपी मेनन ब्रिटिश इंडिया सरकार में बतौर क्लर्क भर्ती हुए थे और बाद में वे आईसीएस के पद तक पहुंचे. उनके जिस कार्यकाल को याद रखा जाता है वह तब का […]

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Covid-19: वैक्सीन आने के बाद भी प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने में आएंगी बड़ी चुनौतियां

September 29, 2020

प्रबीर पुरकायस्थ हो सकता है बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश पैसे के दम से कतार में आगे आकर या सिर्फ़ अपने लिए उत्पादन क्षमताओं का इस्तेमाल कर वैक्सीन की समस्याओं से निजात पा लें, लेकिन बाकी दुनिया का क्या होगा? जैसे-जैसे दुनिया में कोरोना बढ़ता जा रहा है, कुछ देश इसके खिलाफ़ हार मानते जा रहे […]

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कृषि विधेयकों के खिलाफ आखिरकार विपक्ष एकजुट हुआ है, लेकिन इतना ही काफी नहीं है

September 28, 2020

ज़ैनब सिकंदर ट्विटर पर निडरता के साथ अपनी बात रखने भर से काम नहीं चलने वाला. विपक्ष को बिहार और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सीएए-विरोधी आंदोलन से सीख लेनी चाहिए.केवल मतदाता ही मोदी एंड कंपनी से यह कहने में सक्षम हैं- ‘नहीं, आप ये सरासर गलत कर रहे हैं.’ लेकिन ऐसा तभी […]

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प्रेम के मामले में इस जनजाति जितना परिपक्व होने में हमें एक सदी और लग सकती है

September 24, 2020

पुलकित भारद्वाज 39 वर्षीय लक्ष्मी देवी गरासिया की. वे राजस्थान के सिरोही ज़िले के आबू रोड ब्लॉक में पड़ने वाले घणका गांव में रहती हैं. उनके साथ रहते हैं उन्हीं के हमउम्र गोविंद गरासिया. देसी अंदाज में कहें तो लक्ष्मी देवी और गोविंद गरासिया ने बीस दिवाली के दीए साथ में जलाए हैं, बीस बार […]

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नूरजहां : जिसने अपने भाई के साथ सियासी जंग में मुग़लों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया

September 21, 2020

अनुराग भारद्वाज इतिहासकार बड़े निर्मम रहे हैं. कहा जाता है कि उन्होंने नूरजहां को उसका उचित श्रेय नहीं दिया वरना यह भी कहा जा सकता था कि छह महान मुग़लों और एक मुग़लिया रानी ने दुनिया भर में सल्तनत का परचम लहराया. नूरजहां जितनी ख़ूबसूरत थी, उतनी ही क़ाबिल भी. 16 साल तक उसने जहांगीर […]

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सुप्रीम कोर्ट का पतन संयोगवश नहीं, सोच समझ कर बनाई गई रणनीति का हिस्सा – जस्टिस ए. पी. शाह

September 20, 2020

जस्टिस अजीत प्रकाश शाह ने जस्टिस सुरेश शाह मेमोरियल लेक्चर देते हुए एक आलेख पढ़ा, ‘सुप्रीम कोर्ट का पतन, भूली हुई आज़ादी और घटे हुए अधिकार’। उसके मुख्य अंशों का अनुवाद पढ़ें– मुझे लगता है कि हमारे समय की सबसे ज़्यादा परेशान करने वाली घटना है-सुप्रीम कोर्ट का पतन। इसके एक पूर्व जज के नाते […]

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क्या बीजेपी की आईटी सेल अपना असर खोने लगी है?

September 19, 2020

अंजलि मिश्रा सोशल मीडिया पर हर तरह के जोड़-तोड़ के लिए मशहूर बीजेपी की आईटी सेल इस समय वहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही बचाव नहीं कर पा रही है. नरेंद्र मोदी के वीडियोज पर एकतरफा प्रतिक्रियाओं की भरमार होना कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार इनका पलड़ा उनके पक्ष में न […]

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पेरियार : जिन्हें एशिया का सुकरात कहा जाता है

September 17, 2020

अनुराग भारद्वाज पेरियार को राजा राममोहन राय, दयानंद सरस्वती और विनोबा भावे सरीखे समाज सुधारकों की पांत में रखा जाता है. लेकिन वे एक मंझे हुए राजनेता भी थे पेरियार महात्मा गांधी के सिद्धांतों से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए थे. बाद में पेरियार ने 1938 में जस्टिस पार्टी का गठन किया. फिर 1944 […]

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