विविध

दिल्ली को घेरे बैठे किसान, गाँव-कस्बों के गरीबों में पनप रहा है राशन विद्रोह!

December 28, 2020

एक आंदोलन जिसकी गूंज भारत के कोने-कोने से आ रही है! एक आंदोलन जो बताता है कि देश का अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज हो रहा है! एक आंदोलन जो यह जाहिर करने के लिए काफी है कि अब हदें पार हो रही हैं! देश में इन दिनों चल रहे किसान आंदोलन की धमक पूरी दुनिया […]

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पिता तुल्य दोस्त को, शहर के नूर को अलविदा

December 26, 2020

प्रवीण शेखर  किसी आत्मीय को खो देना और उस विछोह को महसूस करते हुए कुछ कह पाना आसान हरगिज़ नहीं होता. शुक्रवार की शाम को क़ब्रिस्तान से लौटे प्रवीन के लिए भी यह सब कुछ याद करना यक़ीनन ख़ासा तकलीफ़देह रहा होगा. – सं. अलविदा! मेरे सरपरस्त.मेरे SRF चले गए. हमारे शहर के, हमारी तहज़ीब […]

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विश्व भारती शताब्दी समारोहः मोदी के भाषण पर तृणमूल की तीखी प्रतिक्रिया

December 24, 2020

विश्व भारती 1921 में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित देश के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में है. वर्ष 1951 में विश्व भारती को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया था और उसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में शुमार किया गया था. प्रधानमंत्री इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं. प्रदानमंत्री मोदी ने विश्व भारती विश्वविद्यालय  के शताब्दी वर्ष समारोह […]

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटीः सर सैयद के इंतहाई जुनून के 100 साल

December 22, 2020

दुनियाभर में अपनी तालीम के लिए मशहूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी आज 100 साल की हो गई। यूनिवर्सिटी बनाने वाले सर सैयद में एक अलग ही जुनून था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का इतिहास बड़ा रोचक है । 1920 में जब कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया, तब पहली चांसलर बेगम सुल्ताना को बनाया गया। वाइस […]

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इस्लाम और धर्म स्वातंत्र्यः फ्रांस एवं ऑस्ट्रिया में जिहादी हमलों के सन्दर्भ में – इरफ़ान इंजीनियर

December 21, 2020

यह एक सामान्य धारणा है कि इस्लाम एक पिछड़ा हुआ धर्म है जो प्राचीन नहीं तो कम-से-कम मध्यकालीन मान्यताओं से अब भी चिपका हुआ है. इस्लाम की सोच परम्परावादी ही नहीं बल्कि कट्टर है और वह अपने अनुयायियों को असहिष्णु और हिंसक बनाता है. यह भी माना जाता है कि इस्लाम की आधुनिक मूल्यों और […]

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पटेल की मूर्ति लगवाई तो किसानों की सुनते क्यों नहीं?

December 16, 2020

रविकान्त दो बड़े सफल किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले सरदार पटेल को पूजने और उनकी विरासत पर दावा करने वाले आज सत्ता में हैं। सरदार पटेल और महात्मा गांधी की ज़मीन गुजरात से आने वाले प्रधानमंत्री और गृह मंत्री किसानों के आंदोलन पर खामोश हैं। किसानों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता और बेरहमी ब्रिटिश […]

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भारत को काम करने वाला सामाजिक लोकतंत्र बनाने के लिए राज्य पूंजीवाद को खत्म करना होगा

December 13, 2020

टी एन नायनन अगर भारत को एक गतिशील सामाजिक लोकतंत्र बनना है, तो उसे अनुशासित टैक्स व्यवस्था तैयार करके कॉर्पोरेट की ताकत पर लगाम लगाते हुए सरकारी पूंजीवाद की राह पकड़ने से बचना होगा. भारत में कौन-सी व्यवस्था चल रही है? सामाजिक लोकतंत्र की या लोकतांत्रिक समाजवाद की? आपको यह शब्दों का खेल लग सकता […]

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लड़ते-खपते किसान पर क्यों चुप हैं अपने-अपने मोहल्लों के भगवान?

December 12, 2020

नवीन कुमार ऑस्ट्रेलिया में भारत के एक मुकाबले के बाद कप्तान विराट कोहली ड्रेसिंग रूम की तरफ जा रहे होते हैं। दर्शक दीर्घा में बैठी एक महिला जोर से चिल्लाती है- “विराट कोहली तुम कहां हो? किसान एकता जिंदाबाद.. भारतीय किसानों का समर्थन करो.. वर्ना तुम टॉयलेट पेपर से ज्यादा कुछ नहीं..।” इस टिप्पणी को […]

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वर्तमान किसान आंदोलन: एक नयी राजनीति की अंगड़ाई

December 11, 2020

सुधीर कुमार सुथार किसान आंदोलन का योगदान इससे तय नहीं होगा की उन्होंने क्या हासिल किया, अपितु उन्होंने लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जो बहादुरी दिखाई उससे होगा। पिछले कुछ समय से किसान आंदोलन लगातार इस बात के लिए प्रयासरत हैं कि वे केवल खेती से सम्बंधित मुद्दों और जुड़े लोगों को […]

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ख़ास बात : पिंजरा तोड़ की एक्टिविस्ट और जेल में बंद नताशा के पिता महावीर नरवाल से

December 8, 2020

खुशबू शर्मा जब मैंने पहली बार नताशा की गिरफ्तारी के बाद उनके पिता महावीर नरवाल से फेसबुक के ज़रिये बात की तो उनका पहला वाक्य यह था-“ख़ुशबू, आप उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं न जहां मेरी बेटी नताशा पढ़ती हैं?” इस वाक्य में गर्व था ही साथ ही एक अपनापन भी। उसी दौरान नताशा और […]

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