Author: admin

यह पैकेज संख्याओं का है, राहत का नहीं : थॉमस इसहाक

May 27, 2020

बहुत ही जल्दी हर किसी को इस पैकेज की हक़ीक़त समझ में आती गयी कि इस पैकेज में जो कुछ पैसे दिख रहे थे, वह सही मायने में अल्पावधि में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत थोड़ी सी रक़म थी।- — (डॉ. टी एम थॉमस इसाक , वित्त मंत्री केरल) वैश्विक अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय […]

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क्या उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के निवासियों की मालिक या अभिभावक बन गई है? -अपूर्वानंद

May 27, 2020

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बात से बहुत नाराज़गी है कि दूसरे राज्यों ने ‘उनके लोगों’ की ठीक से देखभाल नहीं की और इस कारण उन्हें इतनी तबाही झेलनी पड़ी. ख़ुद उनकी सरकार ने लोगों का ख़याल कैसे रखा, कैसे महामारी के बहाने ‘अपने लोगों’ के स्वास्थ्य संरक्षण के नाम पर मालिकाना रवैया अख़्तियार कर लिया […]

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क्या जवाहर लाल नेहरू के दादा का नाम गयासुद्दीन गाजी था? भ्रामक प्रचार और तथ्य –

May 27, 2020

स्वाति फेसबुक-वॉट्सऐप पर हो सकता है कि आपने कुछ इस मजमून वाले मैसेज देखे हों: जवाहरलाल नेहरू एक कोठे पर पैदा हुए थे. खुद को कश्मीरी पंडित बताने वाला ये नेहरू परिवार असल में ‘मुसलमानों की पैदाइश’ है. किसी और का सरनेम देखा हो ये तो बताओ? असल में नेहरू के दादा का नाम था […]

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हे विदूषक तुम मेरे प्रियः प्रभाकर चौबे 9 वीं कड़ी – मानसिक साक्षरता का अर्थ

May 26, 2020

सुप्रसिद्ध साहित्यकार,प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व संपादक रहे श्री प्रभाकर चौबे लगभग 6 दशकों तक अपनी लेखनी से लोकशिक्षण का कार्य करते रहे । उनके व्यंग्य लेखन का ,उनके व्यंग्य उपन्यास, उपन्यास, कविताओं एवं ससामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों के संकलन बहुत कम ही प्रकाशित हो पाए । हमारी कोशिश जारी है कि हम उनके समग्र लेखन को प्रकाशित कर सकें […]

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साथी सरोज छंद की स्मृति में – गोपाल नायडू

May 26, 2020

दुनिया, गज़ब के सांस्कृतिक आक्रमण और आतंक से जूझ रही है और संकट अत्याधिक सघन होते जा रहा है क्योंकि संस्कृति के सवाल पर मौन, निस्तब्धता और बिखराव का आलम है। हर रोज जिस दुनिया को लोकतांत्रिक और प्रगतिशीलता की ओर अगला कदम उठाना था, वह ठिठकी हुई सी खड़ी है।  लगातार बढ़ते इस दमन […]

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‘लॉकडाउन के बाद हमें जवाबदेही का पूरा हिसाब चाहिए’- अरुंधति रॉय

May 26, 2020

लॉकडाउन के बाद मुझे सबसे ज्यादा किस चीज़ की उम्मीद होनी चाहिए? सबसे पहले मुझे बहुत बारीकी से तैयार किया गया जवाबदेही का एक बहीखाता चाहिए. 24 मार्च को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर 138 करोड़ इंसानों के लिए दुनिया के सबसे कठोर और सर्वाधिक अनियोजित लॉकडाउन की […]

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‘पाताल लोक’: ‘जिसे हमने मुसलमान नहीं बनने दिया, उसे आप लोगों ने जिहादी बना दिया’

May 26, 2020

अमिताभ वेब सीरीज ‘पाताल लोक’ में इंस्पेक्टर हाथीराम चौधरी और उनके जूनियर इमरान अंसारी ने शानदार अभिनय किया है। ‘पाताल लोक’ में हम अल्पसंख्यकों के मसले पर समाज की सोच की परतें भी उघड़ती देखते हैं कि कैसे एक व्यक्ति पर टिप्पणी करते हुए पूरे समुदाय को निशाना बनाया जाता है। इसमें मुसलमानों पर हमले […]

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नफरत की आंधी से टक्कर लेती इंसानियत की शमा- राम पुनियानी

May 25, 2020

इस समय हमारा देश कोरोना महामारी की विभीषिका और उससे निपटने में सरकार की गलतियों के परिणाम भोग रहा है. इस कठिन समय में भी कुछ लोग इस त्रासदी का उपयोग एक समुदाय विशेष का दानवीकरण करने के लिए कर रहे हैं. नफ़रत के ये सौदागर, टीवी और सोशल मीडिया जैसे शक्तिशाली जनसंचार माध्यमों के […]

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भारतीय जनतंत्र के लिए ख़तरे की घंटी है नताशा और देवांगना की गिरफ़्तारी- अपूर्वानंद

May 25, 2020

सफ़ूरा, मीरान के बाद “पिंजरा तोड़” की सदस्यों देवांगना, नताशा को भी दिल्ली में हुई हिंसा की साज़िश में संलिप्तता के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। गिरफ़्तारी उन लोगों की हो रही है जो दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर सीएए, एनआरसी और एनपीआर के ख़िलाफ़ हुए विरोध-प्रदर्शनों में किसी न किसी रूप में शामिल […]

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नफ़रत के सौदागरों को क्यों नहीं दिखती मुसलमानों की इंसानित

May 24, 2020

तनवीर जाफ़री वैसे तो नेताओं के पर्यायवाची के रूप में रहबर, रहनुमा, मार्गदर्शक, नेतृत्व प्रदान करने वाला आदि बड़े ही सुन्दर-सुन्दर शब्द  इस्तेमाल किये जाते हैं। परन्तु यह भी शाश्वत सत्य है कि आज दुनिया में हो रही प्रायः हर उथल-पुथल के लिए यही नेता व रहबर ज़िम्मेदार हैं। इतिहास इस बात का भी हमेशा […]

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