विमर्श

जनगणना फार्म में ‘आदिवासी’ धर्म का कालम क्यों न हो – राम पुनियानी

February 15, 2020

इन दिनों पूरे देश में एनपीआर-एनआरसी-सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी के समांतर, सन 2021 की दशकीय जनगणना की तैयारियां भी चल रहीं हैं. आरएसएस द्वारा एनपीआर, एनआरसी और सीएए का समर्थन तो किया ही जा रहा है, संघ यह भी चाहता है कि जनगणना कर्मी जब आदिवासियों से उनका धर्म पूछें […]

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संविधान की अंतरात्मा और शिक्षा- अनिल सदगोपाल

February 13, 2020

अगर संविधान पर ढंग से अमल होता तो सबको समान शिक्षा मिलती और गैर-बराबरी नहीं रहती, लेकिन सरकारों ने इसकी अवहेलना की, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ न केवल भटकाव बल्कि छलावा भी घिरे हैं हम सवाल से हमें जवाब चाहिए, जवाब-दर-सवाल है के इंकलाब चाहिए! शलभ श्री राम सिंह हम भारत के लोग ने संविधान को […]

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आउशवित्स यातना शिविर: 75वीं वर्षगांठ पर नस्लवादी सोच कुचलने की अपील

January 28, 2020

27 जनवरी 1945 को सोवियत सैनिकों ने आउशवित्स यातना शिविर को आजाद कराया था. लेकिन इससे पहले वहां अनुमानित दस लाख लोगों की हत्या हुई, उनमें से ज्यादातर यहूदी थे. कैंप को आजाद कराए जाने के दिन वहां सोवियत सैनिकों को सात हजार लोग मिले थे. इनमें से ज्यादातर कुछ समय बाद ही भूख, बीमारी […]

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लोकतंत्र सूचकांक: भारत 13 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा

January 24, 2020

लोकतंत्र सूचकांक में भारत 10 नंबर गिरकर 165 देशों की सूची में 51वें स्थान पर पहुंच गया है. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, एनआरसी और सीएए के चलते भारत की लोकतंत्र सूचकांक में रैकिंग गिरी है. इस सूचकांक के मुताबिक 2019 में नॉर्वे 9.87 स्कोर के साथ पहले पायदान पर रहा. यह वैश्विक सूची 165 […]

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कश्मीर का प्रायोजित दौरा और झूठ का भूमंडलीकरण

December 6, 2019

इटली, फ्रांस और यूरोप के कई देशों की पार्लियामेंट के चुनिंदा और आम तौर पर दक्षिण-धुर दक्षिणपंथी सदस्यों का जो समूह कश्मीर के दौरे पर पहुंचा है, वह यूरोपीय संघ का संसदीय प्रतिनिधिमंडल नहीं है। उसके ईयू के डेलेगेशन होने की बात उतनी ही झूठ है, जितनी पिछले मार्च में सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे […]

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