कहानीः उज्ज्वल भविष्य- स्वयं प्रकाश

January 20, 2021

स्वयं प्रकाश हिन्दी साहित्य का चिरचरिचित नाम है । समाज को जड़ता से बाहर निकाल उसे प्रगतिशील मूल्यों की तरफ चलने को प्रेरित करती सामाजिकता के सरोकार से भरी उनकी कहानियाँ  पढने में जितनी सरलता का बोध कराती है उतनी ही ज्यादा वे भीतर से झकझोरती हैं । स्वयं प्रकाश की कहानियाँ पूरे भारतीय समाज को अपने दायरे में लेती हैं […]

Read More

क्या वाममार्गी हो रहे हैं बाइडेन?

January 20, 2021

एम. के. भद्रकुमार दो निर्णय उनके इस बदलाव के संकेतक हैं। पहला कोविड-19 से राहत मद के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर की योजना बनाना और दूसरा सीआईए के चीफ के रूप में कुशल राजनयिक विलियम बर्न्स का चुनाव। रेडिकल और असमानता के अन्य रूप अमेरिका की आर्थिक ताकत को संकुचित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के […]

Read More

महिलाओं ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया ,IMF-WTO का पुतला फूंका

January 19, 2021

18 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मनाए गये किसान महिला दिवस के अवसर पर टिकरी बॉर्डर पर हज़ारों महिलाओं की तरफ़ से मोदी सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया और आइएमएफ-डबलयूटीओ का पुतला जलाया गया। इस सभा में पंजाब, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की महिलाओं ने […]

Read More

क्या होता यदि फुले दम्पत्ति की मुलाकात मार्क्स से हुई होती? – प्रेम कुमार मणि

January 19, 2021

आज भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले का जन्मदिन है और हम उनके व्यक्तित्व का स्मरण-अभिनन्दन करते हैं। 1848 ई. में अपने पति महात्मा जोतिबा फुले से प्रेरित हो और साथ मिलकर उन्होंने एक अजूबा स्कूल खोला, जो शूद्रों और स्त्रियों के लिए समर्पित था। उस ज़माने में स्त्रियों और शूद्रों का पढ़ना मना […]

Read More

तीनों कृषि बाजार कानून नाजायज और असंवैधानिक हैं: पी साईनाथ

January 19, 2021

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 50 से अधिक दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. साथ ही गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड करने का ऐलान किया है. किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त […]

Read More

भारत में वैक्सीन के दुष्परिणाम के लिए क्यों नहीं है मुआवज़ा स्कीम?

January 19, 2021

हरजिंदर नार्वे में जिस तरह फाइज़र की वैक्सीन लगने के बाद 29 बुजुर्गों का निधन हुआ, उसे हमें समझना होगा। भारत में भी वैक्सीन के विपरीत असर की खबरें आ रही हैं। चिकित्सा की भाषा में इस विपरीत असर को वैक्सीन इंजरी कहा जाता है और पिछले कुछ दशक में इस पर दुनिया भर में […]

Read More

सआदत हसन मंटो : जो खुद को अपनी ही जेब काटने वाला जेबकतरा मानते थे

January 19, 2021

कविता सआदत हसन मंटो के ही शब्दों में कहें तो उन्होंने अफसाने नहीं लिखे थे, बल्कि अफसानों ने उन्हें लिखा वे जानते थे शायद नेकनामी की तरफ जाने वाले रास्ते की पहली सीढ़ी बदनामी ही है. उनके प्रिय दोस्त और शायर साहिर लुधियानवी के शब्दों में कहें तो मंटो मानते थे-‘बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं […]

Read More

मोहम्मद अली : जिनका बड़बोलापन शायद दुनिया से उनका प्रतिशोध था-प्रियदर्शन

January 18, 2021

मोहम्मद अली में कई चीज़ें थीं जिनसे समझदार आदमी को नाक-भौं सिकोड़नी चाहिए. लेकिन इन सभी पर वह सच्चाई भारी थी जिससे लड़ते हुए वे अपने मुकाम तक पहुंचे जहां मोहम्मद अली और पेले मुक्केबाज़ी और फुटबॉल में अपनी तरह का अश्वेत आंदोलन रहे वहीं, ध्यानचंद और जेसी ओवंस ने बर्लिन ओलंपिक में हिटलर का […]

Read More

किसान नेताओं, समर्थकों को NIA का समनः दबाव बनाने और डराने की कोशिश

January 18, 2021

हाल ही में एनआईए ने लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा को समन भेजा है। सिरसा किसान आंदोलन में खासे सक्रिय हैं। विदित हो कि इसके पूर्व किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले  पंजाबी गायकों और किसान नेताओं पर आयकर विभाग (आईटी) की छापेमारी की ख़बरें आई थीं। उस मामले में भी […]

Read More

फिर वे मेरे लिये आये, कोई बचा नहीं था मेरे लिये बोलने को- अपूर्वानंद

January 18, 2021

रिहाई के बाद नीमोलर ने जो मंथन किया उससे वे इस नतीजे पर पहुँचे कि यहूदियों का जो क़त्लेआम हुआ, उसमें उनकी तरह के जर्मनों की खामोश भागीदारी थी। उन्होंने सामूहिक अपराधबोध की बात की। इस कारण वे जर्मनी में अलोकप्रिय हो गए भले ही जर्मनी के बाहर उनकी शोहरत उनके इस सिद्धांत के कारण […]

Read More