क्या होता यदि फुले दम्पत्ति की मुलाकात मार्क्स से हुई होती? – प्रेम कुमार मणि

January 19, 2021

आज भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले का जन्मदिन है और हम उनके व्यक्तित्व का स्मरण-अभिनन्दन करते हैं। 1848 ई. में अपने पति महात्मा जोतिबा फुले से प्रेरित हो और साथ मिलकर उन्होंने एक अजूबा स्कूल खोला, जो शूद्रों और स्त्रियों के लिए समर्पित था। उस ज़माने में स्त्रियों और शूद्रों का पढ़ना मना […]

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तीनों कृषि बाजार कानून नाजायज और असंवैधानिक हैं: पी साईनाथ

January 19, 2021

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 50 से अधिक दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. साथ ही गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड करने का ऐलान किया है. किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त […]

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भारत में वैक्सीन के दुष्परिणाम के लिए क्यों नहीं है मुआवज़ा स्कीम?

January 19, 2021

हरजिंदर नार्वे में जिस तरह फाइज़र की वैक्सीन लगने के बाद 29 बुजुर्गों का निधन हुआ, उसे हमें समझना होगा। भारत में भी वैक्सीन के विपरीत असर की खबरें आ रही हैं। चिकित्सा की भाषा में इस विपरीत असर को वैक्सीन इंजरी कहा जाता है और पिछले कुछ दशक में इस पर दुनिया भर में […]

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सआदत हसन मंटो : जो खुद को अपनी ही जेब काटने वाला जेबकतरा मानते थे

January 19, 2021

कविता सआदत हसन मंटो के ही शब्दों में कहें तो उन्होंने अफसाने नहीं लिखे थे, बल्कि अफसानों ने उन्हें लिखा वे जानते थे शायद नेकनामी की तरफ जाने वाले रास्ते की पहली सीढ़ी बदनामी ही है. उनके प्रिय दोस्त और शायर साहिर लुधियानवी के शब्दों में कहें तो मंटो मानते थे-‘बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं […]

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मोहम्मद अली : जिनका बड़बोलापन शायद दुनिया से उनका प्रतिशोध था-प्रियदर्शन

January 18, 2021

मोहम्मद अली में कई चीज़ें थीं जिनसे समझदार आदमी को नाक-भौं सिकोड़नी चाहिए. लेकिन इन सभी पर वह सच्चाई भारी थी जिससे लड़ते हुए वे अपने मुकाम तक पहुंचे जहां मोहम्मद अली और पेले मुक्केबाज़ी और फुटबॉल में अपनी तरह का अश्वेत आंदोलन रहे वहीं, ध्यानचंद और जेसी ओवंस ने बर्लिन ओलंपिक में हिटलर का […]

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किसान नेताओं, समर्थकों को NIA का समनः दबाव बनाने और डराने की कोशिश

January 18, 2021

हाल ही में एनआईए ने लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा को समन भेजा है। सिरसा किसान आंदोलन में खासे सक्रिय हैं। विदित हो कि इसके पूर्व किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले  पंजाबी गायकों और किसान नेताओं पर आयकर विभाग (आईटी) की छापेमारी की ख़बरें आई थीं। उस मामले में भी […]

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फिर वे मेरे लिये आये, कोई बचा नहीं था मेरे लिये बोलने को- अपूर्वानंद

January 18, 2021

रिहाई के बाद नीमोलर ने जो मंथन किया उससे वे इस नतीजे पर पहुँचे कि यहूदियों का जो क़त्लेआम हुआ, उसमें उनकी तरह के जर्मनों की खामोश भागीदारी थी। उन्होंने सामूहिक अपराधबोध की बात की। इस कारण वे जर्मनी में अलोकप्रिय हो गए भले ही जर्मनी के बाहर उनकी शोहरत उनके इस सिद्धांत के कारण […]

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हिन्दू कालेज दिल्ली वेबिनार- नाटक की सार्थकता उसके पढ़े जाने में नहीं, उसके देखे जाने में : असग़र वजाहत

January 17, 2021

नाटक पढ़ने की चीज नहीं है, वह देखे जाने की चीज है। नाटक की सार्थकता उसके मंचन किये जाने में होती है। नाटक में निहित अथाह संभावनाओं के कारण इसमें लोगों की रुचि बनी रहती है, क्योंकि नाटक के भीतर विश्लेषण की, नए आयाम खोजे जाने की बहुत संभावनाएं होती हैं। सुप्रसिद्ध साहित्यकार और नाटककार […]

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वंशवादी राजनीति, आज़ादी के नारों के बीच ‘तांडव’

January 16, 2021

दीपाली श्रीवास्तव ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़ॉन प्राइम वीडियो पर पॉलिटिकल ड्रामा वेब सीरीज़ ‘तांडव’ रिलीज़ हो चुकी है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतज़ार था। सीरीज़ की कहानी दो तरह की राजनीति के ईर्द-गिर्द घूमती है। एक तरफ़ प्रधानमंत्री की कुर्सी को पाने के लिए दांव-पेंच लगाये जा रहे हैं, तो वहीं दूसरी राजनीति कॉलेज कैंपस […]

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मार्टिन लूथर किंग जूनियर : जिनके लिए ईसा मसीह प्रेरणास्रोत थे और महात्मा गांधी मार्गदर्शक

January 16, 2021

अव्यक्त ‘गांधी का संदेश इतना गहरा और विचारोत्तेजक था कि उस सभास्थल से मैं निकला और सीधे जाकर गांधी के जीवन और कार्यों के बारे में आधा दर्जन किताबें खरीद लाया.’ अपनी आत्मकथा में उन्होंने अपने विचारों और कार्यों पर महात्मा गांधी के प्रभाव के बारे में विस्तार से लिखा है. चार जुलाई, 1965 को […]

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