आलेख

मुसलमानों पर मोहन भागवत के बयान और दशहरे पर देवबंद दौरे की संभावना में छुपे सूत्र

October 21, 2020

तौसीफ़ क़ुरैशी दशहरे के क़रीब या उसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत देश दुनिया में अपनी पहचान इस्लामिक नगरी के रूप रखने वाले दारूल उलूम देवबन्द का दौरा कर सकते हैं जहां उनकी मुलाक़ात इस्लामिक विद्वानों से होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हिन्दुस्तान में ही नही दुनियां में दारूल […]

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थाईलैंड के सबसे प्रतिष्ठित बौद्ध मंदिर की दीवारों पर रामायण के चित्रों की कहानी क्या है?

October 20, 2020

वाट फ्रा काएव या ‘हरित बुद्ध मंदिर’ थाईलैंड में बौद्ध धर्मावलंबियों का सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थान है. लेकिन परिसर को घेरने वाली बाहर की दीवार आस्था के साथ-साथ किसी भी भारतीय के लिए हैरानी का विषय बन सकती है. इस पूरी दीवार पर रामायण का चित्रांकन है.  मंदिर के चारों ओर बनी दीवार पर चित्रों […]

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प्रेम के अधिकार के लिए सामाजिक संवेदना का अभियान चलाना होगा- अपूर्वानंद

October 19, 2020

दूसरे धर्म की लड़की हो, तो उससे प्रेम के नाम पर उसे अपने में मिला लेना बुरा नहीं। हाँ! अपने धर्म की लड़की नहीं जानी चाहिए। यह एक आम समझ है और आज से नहीं, अनेक दशकों से इस देश में लोगों के दिल दिमाग़ों को इसने इसी तरह विकृत कर दिया है।+ जब तनिष्क […]

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क्या देश को राज्यपालों की जरूरत है?

October 17, 2020

विकास बहुगुणा भगत सिंह कोश्यारी की एक चिट्ठी के बाद यह बहस फिर से छिड़ गई है कि क्या राज्यपाल नाम की संस्था उन उम्मीदों को पूरा कर रही है जिनकी उससे अपेक्षा की गई थी. राज्यपालों पर इस तरह के आरोप अब इतने आम हो चुके हैं कि इनसे कोई चौंकता नहीं है. कभी […]

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अकबर के नाम के साथ ‘महान’ लगाना चाहिए या नहीं?

October 15, 2020

अनुराग भारद्वाज  दीन-ए-इलाही के ज़रिये अकबर हिंदुस्तान की अवाम को हर धर्म को साथ लेकर चलने वाले मजहब में पिरोना चाहता था. इसे हमारा पहला यूनिफॉर्म सिविल कोड भी कह सकते हैं जो बात अकबर को बाकी मुसलमान सुल्तानों से अलग करती है वह है उसका इस्लाम और बाक़ी धर्मों के प्रति नज़रिया.  कुछ […]

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आपको किस बात से दिक्कत है, विज्ञापन से या उसके प्रेम के संदेश से!

October 14, 2020

अजय कुमार अपर क्लास एलीट कल्चर से सजे धजे तनिष्क एड के प्रेम संदेश पर ट्विटर ने नहीं बल्कि भारत के कड़वी हक़ीक़त ने हमला बोला है! टाटा ग्रुप ने वही किया जो नहीं करना चाहिए था। असल सवाल यही है कि अगर करोड़ों और अरबों की संपत्ति से जुड़े टाटा ग्रुप के लोग ऐसे […]

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शैलेश मटियानी की विलक्षण प्रतिभा भी उन पर चस्पा ‘बूचड़ की औलाद’ का लेबल नहीं हटा सकी

October 14, 2020

कविता छोटी सी उम्र में ही बूचड़खाने में काम कर चुके शैलेश मटियानी के लिए संघर्ष जीवन में कभी कम नहीं हुए लेकिन इनके साथ ही उनकी विलक्षण लेखकीय यात्रा चलती रही. राजेंद्र यादव अक्सर कहते थे, ‘मटियानी हमारे बीच वह अकेला लेखक है जिसके पास दस से भी अधिक नायाब और बेहतरीन ही नहीं, […]

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इस्लाम में लैंगिक समता और समान नागरिक संहिता

October 13, 2020

मोइन क़ाज़ी शरिया, मुस्लिमों के लिए धार्मिक संहिता है, जिसमें उनकी ज़िंदगी के हर पहलू, उनकी रोज़ की दिनचर्या, धार्मिक और पारिवारिक कर्तव्य, शादी और तलाक़ जैसे विवाह संबंधी प्रावधान के साथ-साथ वित्तीय लेन-देन पर निर्देश दिए गए हैं। लैंगिक स्तर पर निष्पक्ष सुधार किए जाने की जरूरत है, ताकि लैंगिक भेदभाव को ठीक किया […]

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हाथरस: अन्याय के ख़िलाफ़ हर मोर्चे पर लड़ रहे ये लोग कौन हैं?- अपूर्वानंद

October 12, 2020

वे ही चेहरे! बार बार! जगह-जगह! क्यों? क्या लेना-देना है इनका उन सबके साथ जो ये सब कुछ छोड़-छाड़कर उन सबके करीब जा खड़े होते हैं? एक सीधा सा जवाब है। ये वे लोग हैं जो नाइंसाफी को पहचानते हैं। जो यह जानते हैं कि दुनिया में कहीं भी, कभी भी अन्याय हो रहा हो, […]

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टीआरपी घोटाला : मीडिया ख़ून पीने वाला ड्रैकुला बन गया है!

October 10, 2020

अमिताभ इस हालत के लिए मुख्य रूप से चैनलों के मालिकान और संपादकगण कसूरवार हैं। मालिकों का ज़्यादा फोकस हमेशा रेवेन्यू पर रहा, कंटेंट पर नहीं, वर्ना किसी भी कीमत पर टीआरपी हासिल करने का दबाव नहीं होता और समूचे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह हाल नहीं होता। पत्रकारिता की साख और सम्मान को गिराने में […]

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