आलेख

लक्षद्वीप में अमरीकी नौसेना: नौवहन की आज़ादी की आड़ में युद्धपोत कूटनीति

April 21, 2021

प्रबीर पुरकायस्थ अमरीका मानता है कि उसके युद्धपोतों को जो नाभिकीय शस्त्रों से लैस होते हैं, तटवर्ती देशों की अनुमति के बिना ही, हर जगह अपने सैन्य अभ्यास करने का बेरोक-टोक अधिकार है। दक्षिण चीन सागर में अमरीका के नौवहन की आजादी के दावों का अनुमोदन करने वाली भारत सरकार के लिए, यह झकझोर देने […]

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‘भारत में कोविड-19 की कितनी लहरें होंगी, यह बता पाना मुश्किल है’—वैक्सीन विशेषज्ञ संजय राय

April 17, 2021

अजाज़ अशरफ शीर्ष वैज्ञानिक इस बात को लेकर चेता रहे हैं कि बाज़ार में वैक्सीन के ब्रांडों की भरमार है और निश्चित रूप से इससे टीकों का व्यावसायीकरण हो जायेगा। कुछ लोगों को इस बात की आशंका थी कि कोरोनावायरस बीमारी या कोविड-19 की दूसरी लहर पूरे भारत में फैल जायेगी। शहरों में कर्फ़्यू है […]

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क्या इस देश के लोकतंत्र को अल्जाइमर रोग हो गया है?

April 14, 2021

आशुतोष कुमार सिंह राष्ट्र और इंसान की जीवन अवधि अमूमन अलग-अलग होती है। बावजूद इसके आज़ादी के 75 वर्ष के पास पहुँचे भारत राष्ट्र में अल्जाइमर रोग के लक्षण दिखने शुरू हो गए हैं जो 75 वर्ष के इंसान में भी नहीं दिखता। उम्र से पहले बूढ़े होते भारतीय राष्ट्र में दिखते इस जनतांत्रिक रोग […]

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‘अन्ना आंदोलन’ के जनतंत्र विरोधी नुस्खे से ही आज बन रहे क़ानून! – अपूर्वानंद

April 12, 2021

मुझे करण थापर की अरविन्द केजरीवाल और प्रशांत भूषण के साथ एक चर्चा याद है। इस चर्चा में दोनों ही काफ़ी यक़ीन के साथ और उसमें अहंकार कम न था, कह रहे थे कि संसद सिर्फ़ 5 मिनट में उनके प्रस्ताव को क़ानून का दर्जा दे सकती है, बहस-मुबाहसे में वक़्त क्यों जाया करना! उनका […]

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देश को पुलिस स्टेट में बदल रहा है सत्ता और पुलिस का गठजोड़

April 11, 2021

अनिल जैन आज से क़रीब छह दशक पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के ही न्यायाधीश आनंद नारायण ने अपने एक फ़ैसले में लिखा था कि भारतीय पुलिस अपराधियों का एक संगठित गिरोह है। उत्तर प्रदेश में तमाम तरह के संगीन अपराधों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बावजूद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर दावा करते […]

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माओवादियों में साहस है तो दिमाग़ों के युद्ध क्षेत्र में उतरें -अपूर्वानंद

April 5, 2021

धरना, जुलूस के ज़रिए आदिवासी उम्मीद कर सकते हैं कि शासन तक अपनी बात पहुँचा सकेंगे। लेकिन माओवादियों से ऐसी कोई आशा उन्हें नहीं है। वे वहाँ हुक्मउदूली की ग़लती नहीं कर सकते। माओवादियों का जनता से रिश्ता एक निरंकुश राज्य और जनता के रिश्ते जैसा है। फिर छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ़ के जवानों के मारे […]

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योगी जी, आपके राज में बलात्कारी नहीं, अभी भी महिलाएं ही डरी हुई हैं!

April 3, 2021

सरोजिनी बिष्ट उत्तर प्रदेश का ‘मिशन शक्ति’ हो या चार साल के कार्यकाल की किताब, महिला सुरक्षा को लेकर हक़ीक़त दावों से उलट ही है। केवल मार्च भर की ही बात करें तो अभी तक दर्जनों रेप, गैंगरेप की घटनाएं हमारे सामने आ चुकी हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 19 मार्च को अपने […]

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प्रताप भानु मेहता का इस्तीफा: अंतहीन समझौतों के लिए खुलता रास्ता!- अपूर्वानंद

March 31, 2021

श्रेष्ठता हमेशा ही जल्दबाज होती है और स्वतंत्रता की बलि दे सकती है। एक क्या बीसियों प्रताप को कुर्बान किया जा सकता है जिससे अशोका को श्रेष्ठता के लिए सुरक्षित किया जा सके। प्रश्न यह है कि यह श्रेष्ठता है ही क्या चीज़? क्या यह एक ब्रांड है?  अशोका यूनिवर्सिटी से प्रोफ़ेसर प्रताप भानु मेहता के […]

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ढाका में प्रधानमंत्री के सत्याग्रह के दावे से उठते सवाल! -प्रियदर्शन

March 28, 2021

बांग्लादेश के निर्माण के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कह कर सबको हैरान कर दिया कि ढाका की मुक्ति के सत्याग्रह में उन्होंने हिस्सा लिया था और इसके लिए वह जेल भी गए थे। हालाँकि प्रधानमंत्री के इस दावे पर भारत में लगातार सवाल खड़े होने शुरू […]

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दिल्ली को लेकर केंद्र सरकार की साम्राज्यवादी लालसा -अपूर्वानंद

March 24, 2021

सत्ता में आने के बाद संघीय सहकार जैसे चतुर शब्दों का जाप करने के बाद सरकार ने एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे संघीय भावना धीरे-धीरे क्षरित होती गई है। बीजेपी की “साम्राज्यवादी” और “विस्तारवादी” विचारधारा हर प्रदेश को अपने उपनिवेश में बदल देना चाहती है। दिल्ली को पूरी तरह अपने अँगूठे […]

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