खबरें

जब त्यौहार एक-दूसरे को चिढ़ाने का माध्यम बन रहे हों तब गांधी को याद करना और भी जरूरी है

October 25, 2020

अव्यक्त आज से 110 साल पहले महात्मा गांधी ने राम को हर धर्म के भारतीय के लिए माननीय बताया था. इसके 37 साल बाद उन्होंने दशहरा को मनाने का सही तरीका भी बताया था रामजी की जीत मनाने के लिए ही दशहरा है. पीछे कहते हैं कि एकादशी है, उस दिन तो राम का भरत […]

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रिपब्लिक को फटकार, चीख-चीखकर हत्या कैसे बता सकते हैं?

October 22, 2020

संजय राय जांच भी आप करो, आरोप भी आप लगाओ और फ़ैसला भी आप ही सुनाओ! तो अदालतें किसलिए बनी हैं? यह कोई फ़िल्मी डायलॉग नहीं बल्कि बॉम्बे हाई कोर्ट की फटकार है, जो उसने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिपब्लिक चैनल की रिपोर्टिंग के तरीके को लेकर सुनाई है। हाई कोर्ट ने […]

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अभिनय का जो व्याकरण ओम पुरी ने अपने ढंग से साधा था, वह आज भी नई पीढ़ियों के काम आता है- प्रियदर्शन

October 18, 2020

हिंदी सिनेमा जिस ओम पुरी को याद करता है, वह अब भी सत्तर और अस्सी के दशकों में लरजती आंखों और खुरदरी आवाज़ वाला वह अभिनेता था जिसके बगैर कई फिल्में वह प्रामाणिकता हासिल न कर पातीं जो कर पाईं. यह कुछ उदास करने वाला अफ़साना है कि किस तरह समानांतर सिनेमा के सभी कलाकार […]

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विश्वगुरु बनने की चाह रखने वाला भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 107 देशों में 94वें पायदान पर

October 17, 2020

अजय कुमार ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार 2020 में दुनिया भर के 107 देशों में से भारत 27.2 स्कोर के साथ 94वें रैंक पर है। भारत से 21 पायदान ऊपर नेपाल है और 19 पायदान ऊपर बांग्लादेश है। इससे साफ है कि जिन 107 देशों का डेटा इस साल साझा किया गया है, उनमें से […]

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एक ‘सिविल सोसायटी’ के राज में दूसरे का ‘वध’ और तीसरे का मौन

October 16, 2020

सत्यम श्रीवास्तव सिविल सोसायटी के भीतर ‘सिविल सोसायटी’ शब्द एक बार फिर से चर्चा में है। एक लोकतान्त्रिक देश जो नागरिकों का है, नागरिकों के द्वारा है और नागरिकों के लिए ही वजूद में है, वहां सिविल सोसायटी या नागरी समाज का भिन्न-भिन्न कारणों से चर्चा में आना इस बात का पुख्ता सबूत है कि […]

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बाबा साहेब आंबेडकर ने बौद्ध धर्म ही क्यों अपनाया?

October 16, 2020

रविकान्त डॉक्टर बी. आर आंबेडकर ने 14 अक्टूबर, 1956 को हिन्दू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म अपना लिया। 64 साल पहले हुई इस महत्वपूर्ण घटना की क्या वजह थी? डॉक्टर आंबेडकर ने बौद्ध धर्म की ही दीक्षा क्यों ली? ‘असमानता और उत्पीड़न के प्रतीक, अपने प्राचीन धर्म को त्यागकर आज मेरा पुनर्जन्म हुआ है। अवतरण […]

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जस्टिस रमन्ना पर आरोप: क्या भ्रष्टाचार अपने खतरनाक मुकाम पर पहुंच चुका है?

October 13, 2020

एन.के. सिंह अगर शीर्ष पर बैठा अफसर या मुख्यमंत्री शिद्दत से चाह ले तो शेकडाउन सिस्टम को ख़त्म किया जा सकता है लेकिन जिन समाजों में पे-ऑफ़ सिस्टम का भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है वहां से इसका हटना लगभग नामुमकिन होता है। अगर सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई के बाद सबसे वरिष्ठ जज पर एक मुख्यमंत्री […]

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सरकार के दबाव में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भारत में अपना काम समेटा, बैंक खाते फ्रीज़

September 29, 2020

भारत में एमनेस्‍टी इंटरनेशनल ने अपना काम बंद कर दिया है। अपनी वेबसाइट पर इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए उसने एक बयान में कहा है कि बीते 10 सितम्‍बर को उसे पता चला कि भारत सरकार ने एमनेस्‍टी इंडिया के सभी बैंक खाते फ्रीज़ कर दिए हैं। इसके कारण मजबूरी में संस्‍था को अपना काम […]

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हिन्दू कालेज,दिल्ली में डॉ दीपक सिन्हा स्मृति व्याख्यान: ‘तकनीक रचनात्मकता का पर्याय नहीं हो सकती – संजीव कुमार’

September 29, 2020

दिल्ली।  हिंदी की पत्रिकाएं प्रारंभ से ही साहित्य की दुनिया के साथ-साथ समाज और राजनीति के क्षेत्रों की भी सूचना देती रही हैं। अपने पाठकों को संवेदनशील बनाना और राजनैतिक जागरूकता देना भारतेंदु युगीन सहटियिक पत्रकारिता में भी देखा जा सकता है। बाद में हिंदी के लघु पत्रिका आंदोलन ने इस कार्य को अधिक गहराई […]

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वरिष्ठ रंगकर्मी अजय आठले के निधन पर प्रगतिशील लेखक संघ एवम् इप्टा द्वारा श्रद्धांजलि

September 27, 2020

छत्तीसगढ़ जन नाट्य संघ, (इप्टा) के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ रंगकर्मी अजय आठले का आज निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार थे।  उनके निधन से सम्पूर्ण रंग जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गई।रायपुर प्रगतिशील लेखक संघ एवम्  इप्टा सहित साहित्य और रंगकर्म से जुड़े साथियों ने अजय आठले के निधन पर […]

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