खबरें

रिहाना के ट्वीट पर मोदी सरकार ने जो किया वह उसकी मजबूती नहीं दिखाता

February 8, 2021

रामचंद्र गुहा रिहाना के ट्वीट पर सरकार की प्रतिक्रिया में पाखंड और बेईमानी तो थी ही, उसमें इस समझ की भी कमी थी कि किसी बात को कितना भाव दिया जाना चाहिए दो फरवरी की रात को जब मैं सोया तो मुझे यकीन था कि ‘मेरा भारत महान’ मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर है. अगली सुबह […]

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म.प्र. में साम्प्रदायिक हिंसा के जिम्मेदार लोगों को राज्य का संरक्षणः स्वतंत्र तथ्यान्वेषी दल की रिपोर्ट

February 1, 2021

इंदौर, 31 जनवरी 2021. गत वर्ष दिसम्बर के महीने में इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और अलीराजपुर जिलों में हुई साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं के कारणों की जाँच करने के लिए एक नौ सदस्यीय स्वतंत्र तथ्यान्वेषी दल ने इन इलाकों का दौरा किया। हालाँकि हिंसा की घटनाएँ ज्यादा फैली नहीं लेकिन दल के सदस्यों ने ये महसूस […]

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कैसे किसान आंदोलन इसमें शामिल महिलाओं को जीवन के सबसे जरूरी पाठ भी पढ़ा रहा है

January 28, 2021

प्रदीपिका सारस्वत किसान आंदोलन में शामिल महिलाओं को लगता है कि इसमें उनकी हिस्सेदारी पूरे समाज को छुएगी और उसे थोड़ा ही सही लेकिन हमेशा के लिए बदल डालेगी दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से लोकतांत्रिक और सामाजिक ढांचों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है लेकिन आज भी अक्सर उन्हें यह बताने की ज़रूरत पड़ […]

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आरएसएस से उलट नेताजी मुग़ल काल को भारत का स्वर्ण काल मानते थे

January 23, 2021

उग्र हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी भले ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस को अपना साबित करने और उनकी विरासत को हड़पने की कोशिश कर रही हो, सच यह है कि मुसलमानों पर सुभाष बाबू की राय बीजेपी की राय से बिल्कुल अलग थी।  ‘द इंडियन स्ट्रगल’ इसे नेताजी की अधूरी किताब ‘द […]

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स्वयं प्रकाश की स्मृति में आयोजित वेबिनार: “सौ रंगों की भाषाओं वाले कहानीकार हैं स्वयं प्रकाश – असग़र वजाहत “

January 21, 2021

दिल्ली। ‘स्वयं प्रकाश की कहानियां, कहानी के कहानीपन को तोड़ती हैं। उनकी भाषा कभी संस्मरण की भाषा का रूप ले लेती है तो कभी रेखाचित्र, डायरी और अख़बार की भाषा के रूप में हमारे सामने आती है। उनकी भाषा के अनेक रंग-बिरंगे रूप हैं। स्वयं प्रकाश के कहानियों की उपलब्धि उनकी भाषा के यही सौ […]

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क्या व्हाट्सएप से हो रहा पलायन पूरी तरह से संभव है?

January 20, 2021

अंजलि मिश्रा व्हाट्सएप की नई यूजर पॉलिसी के चलते भारत में भी दसियों लाख लोग दूसरे मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने लगे हैं पहला हफ्ता खत्म होने के साथ व्हाट्सएप पर नए साल की शुभकामनाओं का सिलसिला थमा ही था कि व्हाट्सएप यूजर्स की स्क्रीन पर एक संदेश पॉप-अप हुआ और व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप से […]

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क्या वाममार्गी हो रहे हैं बाइडेन?

January 20, 2021

एम. के. भद्रकुमार दो निर्णय उनके इस बदलाव के संकेतक हैं। पहला कोविड-19 से राहत मद के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर की योजना बनाना और दूसरा सीआईए के चीफ के रूप में कुशल राजनयिक विलियम बर्न्स का चुनाव। रेडिकल और असमानता के अन्य रूप अमेरिका की आर्थिक ताकत को संकुचित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के […]

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तीनों कृषि बाजार कानून नाजायज और असंवैधानिक हैं: पी साईनाथ

January 19, 2021

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 50 से अधिक दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. साथ ही गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड करने का ऐलान किया है. किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त […]

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हिन्दू कालेज दिल्ली वेबिनार- नाटक की सार्थकता उसके पढ़े जाने में नहीं, उसके देखे जाने में : असग़र वजाहत

January 17, 2021

नाटक पढ़ने की चीज नहीं है, वह देखे जाने की चीज है। नाटक की सार्थकता उसके मंचन किये जाने में होती है। नाटक में निहित अथाह संभावनाओं के कारण इसमें लोगों की रुचि बनी रहती है, क्योंकि नाटक के भीतर विश्लेषण की, नए आयाम खोजे जाने की बहुत संभावनाएं होती हैं। सुप्रसिद्ध साहित्यकार और नाटककार […]

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नानी पालकीवाला सरीखे वकीलों ने ही भारत का संविधान और इसके नागरिकों के अधिकार बचाए हैं

January 16, 2021

अनुराग भारद्वाज नानी पालकीवाला. नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए की गई उनकी इन बहसों ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसद तक के खंभे हिला दिए थे. खासकर इंदिरा गांधी द्वारा लागू किए गए आपातकाल के विरोध में नानी पालकीवाला का योगदान हमेशा याद किया जाएगा.नागरिकों के अधिकारों की पैरवी के लिए नानी पालकीवाला […]

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