सरोकार

करोना काल में मई दिवस

May 23, 2020

संजय शाम कोरोना के इस विकट  समय में भी  सूर्योदय समय पर हो रहा है और तारे भी आसमान पर समय से जगमगा रहे है प्रकृति की   दिनचर्या अब भी ज्यों कि त्यों  है । हमारी दिनचर्या जरूर अपने जीवन के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है । दुनियाभर में लाखों लोग […]

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डॉक्टर की डायरी: दो क्वारन्टीनों के साथ आधा घंटा

May 22, 2020

डॉ. राहुल शर्मा   पिछले ग्यारह दिनों में भोपाल के सभी क्वारन्टीन सेंटर्स में जाना हुआ. क्वारन्टीन किए गए दो सौ से ज़्यादा लोगों की मानसिक स्थिति की जांच, उनको मनोवैज्ञानिक परामर्श देने के साथ ही उनके बीच मनबहलाव के कुछ गतिविधियां भी चलाईं. क्वारन्टीन हुए लोगों और माइग्रेंट्स की मनो-सामाजिक व्यथा सुनना और उनको आश्वस्त […]

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न मूर्तियों से गोडसे जिंदा होंगे,न गोलियों से गांधी मर सकते हैं-प्रियदर्शन

May 21, 2020

गांधी को मारने वाले गोडसे की चाहे जितनी मूर्तियां बना लें, वे गोडसे में प्राण नहीं फूंक सकते. गांधी को वे चाहे जितनी गोलियां मारें, गांधी अब भी सांस लेते हैं एनसीईआरटी के प्रमुख रहे सुख्यात शिक्षाशास्त्री कृष्ण कुमार ने अपनी किताब ‘शांति का समर’ में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल उठाया है- राजघाट ही […]

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सिस्टर भगिनी निवेदिता: जिसने सिखाया प्लेग जैसी महामारी से लड़ना

May 21, 2020

हरजिंदर भगिनी निवेदिता मूल रूप से आयरलैंड की नागरिक थीं और वहां उनका नाम था – मार्गरेट एलिजाबेथ नोबेल। स्वामी विवेकानंद से प्रभावित होकर वह भारत आईं और रामकृष्ण मिशन में शामिल हो गईं, जहां पर उन्हें निवेदिता नाम दिया गया। स्वामी विवेकानंद ने प्लेग के प्रति जागरुकता के लिए बांग्ला और हिंदी में प्लेग […]

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फिर आएंगे तुम्हारे सपनों को आबाद करने-नथमल शर्मा

May 20, 2020

             वे चल रहे हैं सड़कों पर । लगातार चल रहे हैं । पेट में भूख और पैरों में छाले है । सूटकेस की गाड़ी है , बच्चे की सवारी है । मां खींच रही है । बच्चे की आंखों में नींद है । सपने में रोटी दिख रही (होगी) […]

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कहानी : गिरगिट – चेखव

May 19, 2020

अन्तॉन पावलेविच चेखव (1860-1904)    रूसी कथाकार और नाटककार अन्तॉन पावलेविच चेखव  विश्व के सबसे महत्वपूर्ण लेखकों में से एक हैं।  चेखव के लेखन में अपने समय का जैसा गहन और मार्मिक वर्णन मिलता है।   चेखव की संवेदना में मानवीयता का तत्व इतना गहरा है कि वे बहुत त्रासद स्थितियों में भी सूरज की थोड़ी […]

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प्रवासी मजदूरों को सरकार से ‘कोरोना तोहफा’, गरीबों के लिए बस कंसंट्रेशन कैंप की औपचारिक घोषणा बाकी

May 19, 2020

By- पुष्पेन्द्र 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के वक्त प्रवासी श्रमिकों के आवागमन की अनदेखी कोई भूल, बेवकूफी, या हड़बड़ में गड़बड़ जैसी बात नहीं थी। यह महामारी की आड़ में शुरू से ही श्रमिकों पर शिकंजा कसने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी। इसे अब राष्ट्र निर्माण के महान, उच्च लक्ष्य के रूप […]

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ग्राम स्वराज: लोकल से ग्लोबल

May 17, 2020

प्रो सतीश कुमार– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकल से ग्लोबल की बात कही है. यह सोच तो उल्टी गिनती जैसी लग रही है. पिछले 70 वर्षों में भारत ग्लोबल से लोकल की लकीर पर रेंगता रहा. हमारे देश में बनी चीजें ग्लोबल मार्केट की प्रतिस्पर्धा में दम तोड़ती गयीं और हम समय की धारा में […]

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विभिन्न श्रम संगठनों के वेबिनार में श्रम कानूनों में बदलाव का हुआ तीखा विरोध

May 16, 2020

कोरोना की आड़ में मज़दूरों के हक़ों पर सरकार का हमला सरकार कोरोना वायरस से निपटने की आड़ में देश के मज़दूरों को मारने पर आमादा है। अचानक लॉकडाउन घोषित करने के बाद मज़दूरों को लग रहा था कि अब सरकार उनकी सुध लेगी। क़रीब दो महीनों से अपने घरों से दूर ये मज़दूर काम-धंधे से बेकार, खाने-पीने के लिए […]

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शानी के मानी -जाहिद खान

May 16, 2020

16 मई, कहानीकार शानी की जयंती शानी के मानी यूं तो दुश्मन होता है और गोयाकि ये तखल्लुस का रिवाज ज्यादातर शायरों में होता है। लेकिन शानी न तो किसी के दुश्मन हो सकते थे और न ही वे शायर थे। हां, अलबत्ता उनके लेखन में शायरों सी भावुकता और काव्यत्मकता जरुर देखने को मिलती […]

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