सरोकार

‘भारत माता की जय’ मार्का राष्ट्रवाद -राम पुनियानी

March 4, 2020

समय के साथ, हमारी दुनिया में राष्ट्रीयता का अर्थ बदलता रहा है. राजनैतिक समीकरणों में बदलाव तो इसका कारण रहा ही है विभिन्न राष्ट्रों ने समय-समय पर अपनी घरेलू नीतियों और पड़ोसी देशों के साथ अपने बदलते रिश्तों के संदर्भ में भी इस अवधारणा की पुनर्व्याख्या की हैं. राष्ट्रीयता की कई व्याख्याएं और अर्थ हैं, […]

Read More

गांधीवाद में मौजूद है वर्तमान समाज के कठिन सवालों का जवाब: प्रो. आनंद कुमार

February 26, 2020

“मौजूदा समाज पांच ऐसे सवालों से जूझ रहा है, जिनका उत्तर सिर्फ गांधीवादी विचारधारा में मिलता है। हिंसा, धार्मिक कट्टरता, कार्पोरेट जीवन शैली, फरेब और झूठ के तले दबते मानवीय रिश्ते इत्यादि आज के समाज की दयनीय दशा को दर्शाते हैं, और इन सब सवालों का जवाब गांधी द्वारा दिखाये गये रास्ते, यानि कि सत्य, […]

Read More

पुलवामा हमले में शहीद की पत्नी सड़क पर बेच रही सब्जियां

February 15, 2020

आप यकीन करेंगे, घोर राष्ट्रवाद के इस दौर में शहीद की पत्नी विमला देवी सड़क पर सब्जियां बेच रही हैं। जिस दौर में देश के हर स्टेशन पर तिरंगे की ऊंचाई सैकड़ों मीटर तक पहुंच रही है उस दौर में शहीद की पत्नी सौ-दो सौ रुपए की जुगाड़ के लिए तराजू ले आलू-मटर तौलने के […]

Read More

चेतना पर हावी हो रही है निर्ममता – कथाकार अखिलेश

February 6, 2020

दिल्ली। कहानियों के मार्फ़त हम अपने समय के यथार्थ को समझ सकें यह हमारे साहित्य के लिए भी आवश्यक है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि इतिहासकार की तुलना में तमस और झूठा सच जैसे उपन्यास अधिक सच्ची और मानवीय दृष्टि से विभाजन जैसी घटना को समझने में हमारे लिए सहायक हैं। सुप्रसिद्ध कथाकार और ‘तद्भव’ […]

Read More

शाहीन बाग का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

February 4, 2020

नागरिकता संशोधन कानून के विरोद में करीब दो महीने से शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। भाजपा नेता ने सुप्रीम कोर्ट से शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील की है।वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने संबंधी […]

Read More

कुछ तो बदल रहा है—- सुभाषिनी सहगल अली

January 29, 2020

असहिष्णुता जैसी थी, वैसी ही है। अपनी बात कहने और दूसरों की बात अनसुनी कर देने की आदत बनी हुई है। अपने को देशभक्त और आलोचक को देशद्रोही ठहराने की प्रक्रिया ज्यों की त्यों है। प्रदर्शनकारियों से ‘बदला’ लेने की घोषणा अब भी गूंज रही है। विरोध करने वालों को आतंकित करने का रवैया नए […]

Read More

मंदी की चपेट में आ सकता है भारत: नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी

January 28, 2020

प्रख्यात अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता लिटरेरी मीट के दौरान कहा कि आंकड़े बता रहे हैं कि भारत मंदी की चपेट में आ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के बैंकिंग सेक्टर में ठहराव की स्थिति बनी हुई है। सरकार को इसके लिए वित्तीय सहायता मुहैया करानी चाहिए।  एयर […]

Read More

आखिर क्यों कहना पड़ता है -‘आई कुड नॉट बी हिन्दू’ !

December 6, 2019

आज संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है, बाबा साहब ने अपने लेखन में सामाजिक विषमता के कारक तत्वों की खोज करते हुए पाया था कि हिन्दू धर्म एक चार मंजिला इमारत है,जिसमें सीढ़ियां नहीं है, जो जहां जन्मता है,वहीं मरता है। उन्होंने कहा कि इस धर्म में पैदा हो जाना […]

Read More