सरोकार

वह कौन सी वजह थी जिसने दुर्गा पूजा को बंगाल का सबसे बड़ा पर्व बना दिया?

October 23, 2020

चंदन शर्मा बंगाल में दुर्गा पूजा की इस लोकप्रियता के तार छह सदी पीछे जाते हैं और भारतीय दर्शन में ‘भक्ति’ की संकल्पना देने वाले कृतिबास ओझा से जुड़ते हैं राम को दुर्गा की आराधना करते हुए दिखाकर वे दोनों संप्रदायों के बीच एकता और संतुलन कायम करने में सफल रहे. इस प्रसंग से राम […]

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काकोरी कांड का मतवाला शहीद शायर अशफाक़ उर्फ़ वारसी उर्फ़ हसरत

October 22, 2020

शाहीन अंसारी अशफाक पर महात्मा गांधी का काफी प्रभाव था, लेकिन चौरी-चौरा कांड के बाद जब महात्मा गांधी ने अपना असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था, तब हजारों की संख्या में युवा खुद को धोखे का शिकार समझ रहे थे। अशफ़ाक उल्ला खान उन्हीं में से एक थे। उन्हें लगा अब जल्द से जल्द भारत […]

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घरों में होने वाली हिंसा का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

October 20, 2020

सोनाली खत्री बच्चों पर हिंसा न सिर्फ उनके बचपन की मासूमीयत को छीन लेता है, बल्कि एक हिंसक वयस्क की नींव भी रखता है। हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक समाज या देश की प्रगति में एक बहुत बड़ी रुकावट है। “अब अगर ऐसा दोबारा हुआ तो टांगे तोड़ दूंगा तुम्हारी”, “हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी इस तरीके […]

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भारतीय विज्ञान में वामपंथ की अनकही कहानी

October 18, 2020

प्रबीर पुरकायस्थ  मेघनाद साहा, हुसैन ज़हीर, साहब सिंह सोखे जैसे कई वैज्ञानिक न सिर्फ़ भारतीय विज्ञान के संस्थापक थे, बल्कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के क़रीबी भी थे। कलकत्ता में मेघनाद साहा के साथ वैज्ञानिकों का एक युवा समूह 1930 के दशक में विज्ञान, योजना और सोवियत संघ के समाजवादी प्रयोग में लगा हुआ था। […]

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भारतीय संविधान और मुस्लिम अल्पसंख्यक–राम पुनियानी

October 17, 2020

क्या इस बात से इंकार किया जा सकता है कि भारतीय संविधान बहुवादी और लोकतंत्रात्मक भारत चाहता है भारतीय संविधान की नजर में कोई धर्म न तो विदेशी और न देशी. सभी धर्म सर्वव्यापी हैं और इसलिए संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को किसी भी धर्म को मानने और उसका  प्रचार करने का अधिकार देता […]

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कोरोना काल में मंदिरों को खुलवा कर क्या हासिल करना चाहते हैं कोश्यारी?

October 16, 2020

अनिल जैन हिंदुत्व का झंडा लहरा रहे महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पता नहीं यह बात क्यों समझ में नहीं आ रही है कि मंदिरों को खोलने की अनुमति न देकर उद्धव ठाकरे की सरकार हिन्दुओं का भला ही कर रही है।मुंबई सहित राज्य के कई शहरों भाजपा की ओर से सड़कों पर आकर […]

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बिहार चुनाव: एक शासक को काम करने के लिए आखिर कितने वर्ष चाहिए? – प्रेम कुमार मणि

October 13, 2020

बिहार में चुनाव के लिए सभी दल जोर-शोर से लगे हैं. अगले महीने की 10 तारीख को चुनावी नतीजों के साथ यह फैसला हो जाएगा कि बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा. मुझे याद है 2005 के उनके चुनावी भाषण (जुमले भी कह सकते हैं). वह कहते थे मुझे लालू प्रसाद की तरह 15 साल नहीं […]

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भारत में न्याय अब एक ऐसा शब्द है जो अपना मतलब खोता जा रहा है – रामचंद्र गुहा

October 11, 2020

भारत में न्याय की चौखट पर वर्ग, जाति और धर्म के आधार पर लंबे समय से भेदभाव होता रहा है. लेकिन हमारे इन निम्न मानदंडों के लिहाज से भी आज का समय असाधारण है भारत में न्याय पाने से जुड़ा है. मेरा मानना है कि भारत में अगर कोई पुलिस, प्रशासन और अदालतों से निष्पक्ष […]

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देश के मौजूदा हालात और जेपी-लोहिया की याद

October 11, 2020

अनिल जैन आज देश के हालात जेपी और लोहिया के समय से भी ज्यादा विकट और चुनौतीपूर्ण हैं लेकिन हमारे बीच न तो जेपी और लोहिया हैं और न ही उनके जैसा कोई प्रेरक व्यक्तित्व। हां, दोनों के नामलेवा या उनकी विरासत पर दावा करने वाले दर्जनभर राजनीतिक दल जरूर हैं, लेकिन उनमें से किसी एक […]

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गाँधी और गोडसे: विरोधाभासी राष्ट्रवाद – राम पुनियानी

October 10, 2020

इस वर्ष गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2020) पर ट्विटर पर ‘नाथूराम गोडसे जिन्दाबाद’ के संदेशों का सैलाब सा आ गया और इसने इसी प्लेटफार्म पर गांधीजी को दी गई श्रद्धांजलियों को पीछे छोड़ दिया. इस वर्ष गोडसे पर एक लाख से ज्यादा ट्वीट किए गए जबकि पिछले वर्ष इनकी संख्या करीब बीस हजार थी. इस […]

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