मनोरंजन

फ़िल्मकार सईद मिर्ज़ाः इंसानियत की तलाश में एक शख्सियत का नाम है

January 15, 2021

गोपाल नायडू इंटरनॅशनल कल्चरल आर्टिफॅक्ट फिल्म फेस्टिव्हल  (ICA ) का आयोजजन पुणे, महाराष्ट्र में  प्रति वर्ष होता है। इस साल यह फेस्टीवल 17 से 31 जनवरी के बीच आयोजित किया जा रहा है।  इस साल इंटरनॅशनल कल्चरल आर्टिफॅक्ट फिल्म फेस्टिव्हल में लेखक-निर्देशक सईद मिर्जा को जीवनगौरव पुरस्कार से  सन्मानित किया जाएगा. इस मौके पर सईद मिर्जा के व्यक्तित्व और कृतित्व […]

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वेब सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस: धारणाओं, पूर्वाग्रहों को चुनौती देता एक सघन अनुभव

January 13, 2021

सत्यम श्रीवास्तव  ‘क्रिमिनल जस्टिस’ सीजन -1, ऐसे तो कानूनी पेचीदगियों से भरी एक कहानी है लेकिन यह दर्शकों को खुद जासूस हो जाने का मौका मुहैया कराती है और शायद यही वजह है कि लगभग आठ घंटे की इस वेब सीरीज़ को एक बार देखना शुरू करने पर आप अंत देखे बगैर उठ नहीं पाते. […]

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बिमल रॉय : एक महान फिल्मकार जिसने हिंदुस्तानी सिनेमा के साथ-साथ हॉलीवुड को भी प्रेरित किया

January 10, 2021

अनुराग भारद्वाज रबींद्रनाथ टैगोर के ‘जन गण मन’ के राष्ट्रीय गान बनने से पहले बिमल रॉय ने इसे 1945 में आई अपनी फ़िल्म ‘हमराही’ में पहली बार पेश किया था समाजवाद से प्रेरित और सिनेमा से सर्वहारा की आवाज़ उठाने वाले बिमल दा पर कमर्शियल यानी व्यावसायिक फ़िल्में बनाने का ज़बरदस्त दवाब था. उनका कमाल […]

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फिल्म संगीत को अगर दो युगों में बांटा जाए तो एक पंचम दा के पहले का होगा और दूसरा उनके बाद का

January 7, 2021

शुभम उपाध्याय आरडी बर्मन यानी पंचम दा को ऐसा संगीतकार कहा जा सकता है जिन्होंने फिल्म संगीत के मिजाज और व्याकरण को बदलकर एक नया दौर शुरू किया था राहुल देव बर्मन को आप संगीतकारों की दुनिया का गुलजार भी कह सकते हैं. राहुल देव बर्मन को आप संगीतकारों की दुनिया का गुलजार भी कह […]

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‘हर चीज इडियट-प्रूफ बनानी पड़ती है’—गुलजार ने कहा अब कला पर भय का माहौल हावी है

December 31, 2020

शुभांगी मिश्रा गुलज़ार ने अपनी नई किताब ‘ अ पोएम अ डे ‘ के बारे में बात की, जो भारत की 34 भाषाओं में 279 कवियों द्वारा 365 कविताओं का एक संकलन है.कवि और लेखक गुलजार का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदियां बढ़ गई हैं. गुलजार ने कहा […]

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JNU के बाद अब उस पर बनी फिल्म राष्ट्रविरोधी! CBFC ने रोकी ‘वर्तमानम’ की स्क्रीनिंग

December 30, 2020

जेएनयू के छात्र आंदोलन पर बनी मलयालम फिल्म ‘वर्तमानम’ को सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के क्षेत्रीय कार्यालय ने स्क्रीनिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इस फिल्म का निर्देशन प्रतिष्ठित फिल्मकार सिद्धार्थ शिवा ने किया है और पुरस्कार विजेता अभिनेत्री पार्वती तिरुवोत ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई है.  इस फिल्म की कहानी […]

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कियरोस्तामी का सिनेमाः जहां हम सोने के लिए जाते हैं और जाग जाते हैं

December 28, 2020

सुदर्शन जुयाल ईरान सिनेमा के नक्शे पर था ही नहीं. तब ईरान, खोमैनी का ईरान बन चुका था यानि इस्लामिक ईरान. फ़्रेंच न्यू वेव और इटालियन सिनेमा हमारे ज़ेहन में ज़बरदस्त रूप से छाया हुआ था. साथ ही रूस, पोलैंड, हंगरी, चेकोस्लोवाकिया वगैरह के दमदार फ़िल्मकारों ने हमारे बम्बइया सिनेमा के असर को तार-तार कर […]

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‘टाइगर ज़िंदा है’ जैसी फ़िल्में देने वाले डायरेक्टर के पहले वेब शो ‘तांडव’ का टीज़र जबराट है

December 17, 2020

यमन सैफ अली खान की नई सीरीज़ आ रही है. नाम है ‘तांडव’. शो एक पॉलिटिकल ड्रामा है. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र इंडिया. उसी की राजधानी की पॉलिटिक्स पर आधारित. यही कारण है कि पहले इसे ‘दिल्ली’ के टाइटल से बनाया जा रहा था. बाद में ‘तांडव’ किया गया. आज ही इसका टीज़र रिलीज़ […]

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‘तीसरी कसम की नाकामी से नहीं टूटे थे शैलेंद्र’

December 14, 2020

प्रदीप कुमार   ढेर सारे नगमे देकर सिर्फ़ 43 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले शैलेंद्र को पचास साल से ज्यादा हो गए मगर आज भी उनके गाने लोगों की ज़बान पर हैं.प्रगतिशील नज़रिए के चलते शैलेंद्र इप्टा और प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़ गए. 1947 में जब देश आज़ादी के जश्न […]

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दिलीप कुमारः जिन्हें सत्यजीत रे ने इंडिया का पहला मेथड एक्टर माना था

December 11, 2020

श्वेतांक जैसे ही दिमाग में शब्द ‘ट्रैजेडी’ आता है अचानक से उसमें किंग जैसा विशेषण जुड़ जाता है. और सूरत उभरती है एक अधेड़ उम्र के आदमी की, जो आधी रात को सुनसान सड़क पर अपनी पत्नी के साथ जा रहा है. अचानक से पत्नी की तबीयत बिगड़ती है और ये आदमी बेतहाशा सड़क पर […]

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