मनोरंजन

दो बूँद पानीः संक्रमण काल में तकनीकी और मनुष्य के सम्बन्ध की कहानी

July 17, 2021

“ख्वाजा अहमद अब्बास को लाल बहादुर शास्त्री ने राजस्थान में पानी की समस्या पर केंद्रित फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया और इस तरह “दो बूँद पानी” फिल्म का निर्माण हुआ। यह जिक्र अब्बास ने खुद अपनी बायोग्राफी “आय एम नॉट एन आयलैंड” में किया है जिसका हिंदी और उर्दू अनुवाद “मैं जजीरा नहीं हूँ” […]

Read More

स्मृति शेष: सुरेखा सीकरी उर्फ़ दादी मां यानी समानांतर सिनेमा के मज़बूत का स्तंभ का ढहना

July 16, 2021

आलोक शुक्ला बहुत कम अभिनेता या अभिनेत्री होते हैं जिनकी काया भी बोलती है, अभिनय के मामले में सुरेखा सीकरी एक ऐसी ही अभिनेत्री थीं जिन्हे आज की पीढ़ी दादी मां के रूप में जानती और खूब प्यार करती थी। रंगमंच की यह सशक्त हस्ताक्षर, समानांतर सिनेमा की मजबूत स्तंभ और जनमानस के दिलों में […]

Read More

बिमल रॉय ने हिंदुस्तानी सिनेमा के साथ-साथ हॉलीवुड को भी प्रेरित किया था

July 13, 2021

अनुराग भारद्वाज  महान फिल्मकार बिमल रॉय अपने आप में एक संस्था थे जिन्होंने हिंदी सिनेमा को सलिल चौधरी, ऋषिकेश मुखर्जी, ऋत्विक घटक और गुलज़ार जैसे कई नायाब लोग दिए सन 1953 में आई ‘दो बीघा ज़मीन’ ने दुनिया भर के फ़िल्मकारों का ध्यान अपनी ओर खींचा था. इस फिल्म के जरिये पहली बार हिंदुस्तानी सिनेमा […]

Read More

दिलीप कुमार न होते तो अमिताभ, शाहरुख और आमिर भी ऐसे न होते

July 8, 2021

प्रियदर्शन  दिलीप कुमार ने हिंदी फिल्मों में अभिनय की सबसे मज़बूत और समृद्ध विरासत दी है.फिल्मी दुनिया में अगर दिलीप कुमार न होते तो? तो शायद अमिताभ, शाहरुख़, आमिर भी वैसे अभिनेता न होते जैसे वे हैं. वे किसी और ढंग से नाराज़ हुआ करते, किसी और तरह से खुश होते, किसी और तरह से […]

Read More

क्यों सरकार को प्रस्तावित चलचित्र (संशोधन) अधिनियम, 2021 वापस लेना चाहिए?

June 29, 2021

सिद्धार्थ चतुर्वेदी संशोधन विधेयक के मसौदे में जिन बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है, उनसे ना तो नियमक अनुपालन सरल हो रहे हैं और ना ही फ़िल्म निर्माण के ज़रिये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सशक्त किया जा रहा है।18 जून को केंद्र सरकार ने मौजूदा सिनेमेटोग्राफ़ी एक्ट, 1952 में नए संशोधनों का प्रस्ताव सार्वजनिक किया […]

Read More

‘महारानी’ : राजनीति में संतुलन का खेल!

June 6, 2021

शंभूनाथ शुक्ल यह वेब सीरीज़ लालू यादव-राबड़ी देवी की कहानी नहीं है, लेकिन उनकी जैसी राजनीति को क़रीब से देखने का प्रयास किया गया है। यह सीरीज़ लोगों को बिहार की वह पीड़ा दिखलाने में सहायक हुई है, जो बिहार की बहुसंख्यक दलित, मुस्लिम और पिछड़ी जातियों ने भोगी थी।लोकतंत्र में राजनीति अब किसी की […]

Read More

अमेरिका की एक फ़िल्म जो आज के भारत पर टिप्पणी है!- प्रियदर्शन

April 21, 2021

यह 1968 का साल था। अमेरिका तरह-तरह के उथल-पुथल से गुज़र रहा था। लिंडन जॉन्सन राष्ट्रपति थे। उन्होंने देश को वियतनाम युद्ध में झोंक रखा था और उनकी सरकार अपने लोगों से युद्ध का सच छुपा रही थी। ताबूतों में 18-20 बरस के अमेरिकी सैनिकों के शव घर लौट रहे थे। इसी साल मार्टिन लूथर […]

Read More

‘ये इश्क नहीं आसां…’ जैसे सुपरहिट शेर लिखने वाले जिगर मुरादाबादी

April 6, 2021

एम.ए. समीर  “हमको मिटा सके ये जमाने में दम नहीं….” जिगर मुरादाबादी ने हमेशा फिल्मी दुनिया से दूरी बनाए रखी ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजे इक आग का दरिया है और डूब के जाना है यह एक बहुत ही मशहूर शेर है, जिसे न सिर्फ खत-ओ-किताबत के दौरान खूब इस्तेमाल किया गया, […]

Read More

चुनावी चाल है रजनीकांत को ‘दादा साहेब फाल्के’?

April 2, 2021

प्रेम कुमार केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फ़िल्म अभिनेता रजनीकांत के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की जैसे ही घोषणा की, बंगाल और असम में मतदान का लाइव दिखा रहे न्यूज़ चैनल और वहां मौजूद विश्लेषकों में दो खेमे बन गये। एक इस घोषणा को राजनीतिक बता रहा था तो दूसरा इस […]

Read More

नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ ‘बॉम्बे बेगम्स’ विवादों में, एनसीपीसीआर ने भेजा नोटिस

March 12, 2021

नेटफ्लिक्स पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रिलीज हुई ‘बॉम्बे बेगम्स’ विवादों में घिर गई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि इसमें बच्चों का अनुचित तरीके से चित्रण किया गया है। एनसीपीसीआर ने एक नोटिस जारी कर इस वेब सीरीज की स्ट्रीमिंग को रोकने की मांग की है। […]

Read More