खबरें

आरएसएस से उलट नेताजी मुग़ल काल को भारत का स्वर्ण काल मानते थे

January 23, 2021

उग्र हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी भले ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस को अपना साबित करने और उनकी विरासत को हड़पने की कोशिश कर रही हो, सच यह है कि मुसलमानों पर सुभाष बाबू की राय बीजेपी की राय से बिल्कुल अलग थी।  ‘द इंडियन स्ट्रगल’ इसे नेताजी की अधूरी किताब ‘द […]

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स्वयं प्रकाश की स्मृति में आयोजित वेबिनार: “सौ रंगों की भाषाओं वाले कहानीकार हैं स्वयं प्रकाश – असग़र वजाहत “

January 21, 2021

दिल्ली। ‘स्वयं प्रकाश की कहानियां, कहानी के कहानीपन को तोड़ती हैं। उनकी भाषा कभी संस्मरण की भाषा का रूप ले लेती है तो कभी रेखाचित्र, डायरी और अख़बार की भाषा के रूप में हमारे सामने आती है। उनकी भाषा के अनेक रंग-बिरंगे रूप हैं। स्वयं प्रकाश के कहानियों की उपलब्धि उनकी भाषा के यही सौ […]

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क्या व्हाट्सएप से हो रहा पलायन पूरी तरह से संभव है?

January 20, 2021

अंजलि मिश्रा व्हाट्सएप की नई यूजर पॉलिसी के चलते भारत में भी दसियों लाख लोग दूसरे मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने लगे हैं पहला हफ्ता खत्म होने के साथ व्हाट्सएप पर नए साल की शुभकामनाओं का सिलसिला थमा ही था कि व्हाट्सएप यूजर्स की स्क्रीन पर एक संदेश पॉप-अप हुआ और व्हाट्सएप पर व्हाट्सएप से […]

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क्या वाममार्गी हो रहे हैं बाइडेन?

January 20, 2021

एम. के. भद्रकुमार दो निर्णय उनके इस बदलाव के संकेतक हैं। पहला कोविड-19 से राहत मद के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर की योजना बनाना और दूसरा सीआईए के चीफ के रूप में कुशल राजनयिक विलियम बर्न्स का चुनाव। रेडिकल और असमानता के अन्य रूप अमेरिका की आर्थिक ताकत को संकुचित करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के […]

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तीनों कृषि बाजार कानून नाजायज और असंवैधानिक हैं: पी साईनाथ

January 19, 2021

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 50 से अधिक दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं. साथ ही गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड करने का ऐलान किया है. किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त […]

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हिन्दू कालेज दिल्ली वेबिनार- नाटक की सार्थकता उसके पढ़े जाने में नहीं, उसके देखे जाने में : असग़र वजाहत

January 17, 2021

नाटक पढ़ने की चीज नहीं है, वह देखे जाने की चीज है। नाटक की सार्थकता उसके मंचन किये जाने में होती है। नाटक में निहित अथाह संभावनाओं के कारण इसमें लोगों की रुचि बनी रहती है, क्योंकि नाटक के भीतर विश्लेषण की, नए आयाम खोजे जाने की बहुत संभावनाएं होती हैं। सुप्रसिद्ध साहित्यकार और नाटककार […]

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नानी पालकीवाला सरीखे वकीलों ने ही भारत का संविधान और इसके नागरिकों के अधिकार बचाए हैं

January 16, 2021

अनुराग भारद्वाज नानी पालकीवाला. नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए की गई उनकी इन बहसों ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसद तक के खंभे हिला दिए थे. खासकर इंदिरा गांधी द्वारा लागू किए गए आपातकाल के विरोध में नानी पालकीवाला का योगदान हमेशा याद किया जाएगा.नागरिकों के अधिकारों की पैरवी के लिए नानी पालकीवाला […]

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शिलांग टाइम्स की संपादक पैट्रीशिया मुखिम की याचिका पर SC ने राज्य से मांगा जवाब

January 15, 2021

मेघालय की वरिष्ठ पत्रकार और शिलांग टाइम्स की संपादक पैट्रीशिया मुखिम द्वारा गैर-आदिवासियों पर हमले की निंदा संबंधित फेसबुक पोस्ट के कारण उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को मेघालय उच्च न्यायालय दारा ख़ारिज करने से इंकार करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बुधवार, […]

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किसान आंदोलनः सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी से अलग हुए भूपिंदर मान

January 14, 2021

किसान आंदोलन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की एक कमिटी बनाई थी. इन चार में से एक सदस्य यानी भूपिंदर सिंह मान ने खुद को कमिटी से अलग कर लिया है. सरकार के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका है. उल्लेखनीय है कि भूपिंदर सिंह मान के नाम पर शुरू से बवाल हो […]

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शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी के चर्चित उपन्यास क़ब्ज़े ज़माँ’ का हिंदी अनुवाद प्रकाशित

January 12, 2021

कथाकार-आलोचक शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी के चर्चित उपन्यास ‘क़ब्ज़े ज़माँ’ का हिंदी अनुवाद छप गया है. हिन्दी में अनुवाद डॉ. रिज़वानुल हक़ ने किया है यह उपन्यास एक सिपाही की आपबीती के बहाने वर्तमान से शुरू होकर गुज़रे दो ज़मानों का हाल इतने दिलचस्प अन्दाज़ में बयान करता है कि एक ही कहानी में तीन ज़मानों की सामाजिक, […]

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