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मनोरंजन

70 साल की हो रहीं शबाना आज़मी की पहली फिल्म ‘अंकुर’ देखना कैसा अनुभव है

September 19, 2020

अंजलि मिश्रा करीब साढ़े चार दशक पहले रिलीज हुई श्याम बेनेगल की पहली हिंदी फिल्म ‘अंकुर’ के जरिए शबाना आज़मी ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था अच्छा खासा बिजनेस करने के साथ-साथ दुनियाभर में सराही गई इस फिल्म का हिस्सा बनीं शबाना आज़मी ने अपनी पहली फिल्म से बता दिया था कि मास्टरपीस ऐसे बनती […]

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सुशांत केसः शोक किसी को नहीं, हर कोई TRP बटोरने में – मनोज बाजपेयी

September 18, 2020

तमाम आशंकाओं, संभावनाओं और चर्चाओं के बीच सुशांत की मौत को अब 3 महीने से अधिक वक्‍त बीत गया है। ‘सोन चिड़िया’ में सुशांत के को-स्‍टार रहे मनोज बाजपेयी का कहना है कि वह सुशांत की मौत से दुखी हैं लेकिन उन्‍हें यह भी शक है कि शायद ही कोई उनके जाने के गम में […]

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हसरत जयपुरी की सादादिली हर कड़वे से कुछ बेहद मीठा निकाल सकती थी

September 18, 2020

कविता एक शायर से लेकर बस कंडक्टर बनने, मिट्टी के खिलौने बेचने वाले से फैक्ट्री में मजदूरी करने और इस मजदूरी से लेकर आरके बैनर तले आने तक का हसरत जयपुरी का सफ़र बड़ा दिलचस्प है पृथ्वीराज कपूर ने किसी मुशायरे में हसरत जयपुरी को अपनी कविता ‘मजदूर की लाश’ पढ़ते हुए सुना था. इसी […]

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मिराज : इस स्पेनिश फिल्म को झटपट देख लीजिए, इससे पहले कि इसकी सस्ती रीमेक आपके माथे मढ़ दी जाए

September 16, 2020

शुभम उपाध्याय नेटफ्लिक्स पर मौजूद ‘मिराज’ (2018) के निर्देशक ओरिओल पाउलो ने 2012 में ‘द बॉडी’ भी बनाई थी जिसका रीमेक हो रहा है, 2016में ‘द इनविजिबल गेस्ट’ जिसका आधिकारिक हिंदी रीमेक हाल ही में ‘बदला’ नाम से रिलीज हुआ । कहने का मतलब है कि इस कुशल स्पेनी निर्देशक की हर फिल्म पर बॉलीवुड […]

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भूपेन हज़ारिका असम के चाय बागानों की खुशबू हिंदी संगीत में लेकर आए थे

September 10, 2020

अनुराग भारद्वाज भूपेन हज़ारिका का साहित्यिक रूप भी उनके संगीत में खूबसूरती के साथ आया.किसी इंसान की दुनिया से रुख़सती का दर्द उसके चाहने वालों से ज़्यादा कोई महसूस नहीं कर सकता. भूपेन हज़ारिका को अग़र किसी ने सबसे ज़्यादा चाहा तो वे थीं फ़िल्म निर्देशक कल्पना लाज़मी. उन्होंने लिखा है, ‘वो मेरी जिंदगी का […]

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‘गर देश उल्लू बनने की प्रयोगशाला है, तो हमें उससे खतरा है…’ क्या पाश आज फिर यह कह पाते!

September 9, 2020

अनुराग अन्वेषी अवतार सिंह संधू ‘पाश’ अपने दौर में भी खतरनाक कवि थे, लेकिन आज की परिस्थितियों में उनकी कविताएं उन्हें और खतरनाक बनाती हैं सड़ांध मारती राजनीति के इस दौर में अवतार सिंह संधू ‘पाश’ की कविताएं दर्दनाशक मरहम की तरह काम करती हैं. उन्हें पढ़ते हुए एक सवाल मन में घुमड़ता है कि […]

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सिनेमाई संघर्ष में औरत की जिंदगी का मुरब्बा खराब क्यों हो जाता है?

September 7, 2020

अपर्णा कोरोना महामारी ने एक चीज यह तो कर ही दी है कि एकदम ताज़ा फ़िल्में हमारे घर तक पहुँच गयी हैं। सिनेमा हॉल जाने की ज़हमत फ़िलहाल कोरोनाकाल तक के लिए खत्म हो गयी है। वैसे सिनेमाहॉल के घुप्प अँधेरे में बैठकर आँखें फाड़े हुए फिल्म देखने का मज़ा ही कुछ और होता है, […]

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‘भेड़चाल’ तोड़ बनी बंदिश बैंडिट्स अबतक की सबसे बेहतरीन सीरीज़ क्यों है?

September 3, 2020

मोहित ग्रोवर बंदिश बैंडिट्स अमेजन प्राइम पर आई हुई एक सीरीज़ है, जो पूरी तरह से म्यूजिक पर बेस्ड है. इसमें शास्त्रीय संगीत का कलेवर है और कुछ नए किस्म के गानों का मिक्सचर भी है. राजस्थान में पूरा सेट है और उसी के एक संगीत घराने की कहानी है. देश में जब हाल ही […]

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राहत इंदौरी: बड़े शायर का विदा होना –राजेश रेड्डी

September 3, 2020

 “राहत साहब मुशायरों के बादशाह थे”…उनके बारे में, कहा जाता है कि वे शायर उतने अच्छे नहीं थे, जितने बड़े परफार्मर थे। उनके जाने के बाद खासकर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि वे बहुत लाउड थे, कम्युनल थे। मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता।  उनके पास कुछ ऐसे शेर हो सकते हैं। लेकिन […]

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कारंत कहते थे, ‘हम कला का प्रदर्शन करते हैं, कोठा नहीं चलाते, जहां कोई कभी भी चला आए!’

September 2, 2020

नीलेश द्विवेदी रंग-साधना को बेहद पवित्र और ऊंचा दर्जा देने वाले बी.वी. कारंत के लिए अपनी कला के सामने बड़ी से बड़ी हस्ती भी मामूली थी यह कहानी 1985 की है. तब रामकृष्ण हेगड़े कर्नाटक के मुख्यमंत्री हुआ करते थे. और उनके अच्छे मित्र तथा देश के जाने-माने रंगकर्मी बी.वी. कारंत भोपाल (मध्य प्रदेश) स्थित […]

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