Oplus_16908288
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. वे अपने अनोखे अभिनय, दमदार संवाद अदायगी डायलाॉग डिलीवरी) और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे.
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया है.
वे अपने अनोखे अभिनय, दमदार संवाद अदायगी (डायलाॉग डिलीवरी) और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे.
उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड में हुआ था.उनकी छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ कहकर बुलाती थी, जो बाद में उनकी स्थायी पहचान बन गया.
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है. वे भारतीय सिनेमा के इकलौते ऐसे अभिनेता रहे हैं जिन्होंने एक्टिंग की तीन अलग-अलग श्रेणियों में फिल्मफेयर पुरस्कार जीते:
- परिंदा (1990): सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता
- अंगार (1992): सर्वश्रेष्ठ खलनायक
- क्रांतिवीर (1995): सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
उनकी अन्य यादगार फिल्मों में अग्नि साक्षी, अब तक छप्पन, नटसम्राट, राजनीति, टैक्सी नंबर 9211 और वेलकम जैसी अनेक फिल्में शामिल हैं, जहाँ उन्होंने सीरियस ड्रामा से लेकर कॉमेडी तक हर किरदार को बखूबी निभाया.
फिल्मों से अलग, नाना पाटेकर अपनी सादगी और समाज सेवा के लिए भी जाने जाते थे. उन्होंने महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों की मदद के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ (NAAM Foundation) की स्थापना की थी और अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा गरीबों और किसानों की मदद में लगाया था.
उन्हें भारत सरकार द्वारा सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
विकल्प डेस्क
