सरोकार

व्यंग्यः तरह तरह के गुरु – प्रभाकर चौबे

July 24, 2021

चेला के साथ चांटी लगे रहते हैं, इसलिए कहा जाता है – गुरु के चेला चांटी बहुत हैं। चेला का मतलब तो समझ मे आया। चांटी का क्या अर्थ। खींच-कींचकर अर्थ निकाला छत्तीसगढ़ी मे चींटी के चांटी कहते हैं। तो चेला का मतलब प्रमुख चेला और उसके साथ-साथ जो छोटे-छोटे लोग आएं, वे चांटी, इसका […]

Read More

नवउदारवाद और धुर-दक्षिणपंथ की अजीबोगरीब सांठ-गांठ – प्रभात पटनायक

July 19, 2021

पहले वाले दौर के फासीवादी आंदोलनों ने अपनी शुरूआत बड़ी पूंजी के खिलाफ आंदोलनों के रूप में की थी। लेकिन अब के नव-फासीवादी तथा धुर-दक्षिणपंथी आंदोलन शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ–जो जनता को बेरोजगार बनाए रखती है-जायज गुस्से को भुनाने का कोई प्रयास करती नहीं दिखाई देती हैं।   पिछले कुछ अर्से में दुनिया भर में धुर-दक्षिणपंथी, […]

Read More

राजद्रोह क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट के तेवर तल्ख़ क्यों हैं?

July 16, 2021

यूसुफ़ अंसारी इस तरह की टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट कई बार कर चुका है। यह पहली बार है कि वह राजद्रोह के क़ानून की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट पहले कई बार राजद्रोह क़ानून को ख़त्म करने संबंधी याचिकाओं को खारिज कर चुका है।  सुप्रीम कोर्ट ने […]

Read More

लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और कश्मीर की गुत्थी -राम पुनियानी

July 5, 2021

सन 2019 के पांच अगस्त को राष्ट्रपति ने एक अध्यादेश जारी कर कश्मीर को स्वायत्तता प्रदान करनी वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया. यह अनुच्छेद कश्मीर के भारत में विलय का आधार था और कश्मीर को रक्षा, संचार, मुद्रा और विदेशी मामलों के अतिरिक्त अन्य सभी क्षेत्रों में स्वात्तता प्रदान करता था. […]

Read More

डॉ. आलम शाह ख़ान के रचना संसार पर चार दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला

June 21, 2021

सुप्रसिद्ध लेखक डॉ.आलम शाह ख़ान की कहानियाँ वर्तमान समय में बहुत प्रासंगिक हो गई हैं। भारतीय सामाजिक जीवन का गहराई से अनुसंधान करके, पाठक की जड़ता को तोड़ते हुए उसे परिवर्तन के लिए उद्वेलित करती हैं I यही उनकी विशिष्टता है जो उनको ‘वक्त से आगे का रचनाकार’ बनाती है तथा उनकी रचनाओं को कालजयी […]

Read More

किस्से जो बताते हैं कि आम से भी भारत खास बनता है

June 12, 2021

गोविंद पंत राजू  भारत के धर्म, इतिहास और साहित्य में हर जगह फलों का राजा आम अपने अलग-अलग अंदाज में मौजूद दिखता है.रस, गंध, रंग और स्वाद. आम के पास सब कुछ मौजूद है. इसीलिए आम होते हुए भी यह खास है. इतना खास कि भारत के धर्म, इतिहास और साहित्य में हर जगह यह […]

Read More

क्या भारत में मुसलमान वास्तव में अल्पसंख्यक हैं?

June 8, 2021

विकास बहुगुणा | भारत के संविधान में अल्पसंख्यक की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है और इस मामले में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग कानून भी उतना ही अस्पष्ट है.  ‘हम अल्पसंख्यक नहीं हैं. यह शब्द अंग्रेजों ने दिया था. वे चले गए. अब इसे भी विदाई दी जाए.’ बिहार के वरिष्ठ नेता तजम्मुल हुसैन ने यह बात संविधान […]

Read More

ज़मीन के नीचे धंसी भारतीय अर्थव्यवस्था को नोट छाप कर उबारा जा सकता है?

June 4, 2021

अजय कुमार वित्त वर्ष 2020-21 के जीडीपी के आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था में 7.3 फ़ीसदी का कॉन्ट्रैक्शन यानी संकुचन हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था साल 2019-20 के वित्त वर्ष में तकरीबन 145 लाख करोड़ रुपए की थी, जो साल 2020-21 के वित्त वर्ष में घट कर 135 लाख करोड़ रुपए की हो गई […]

Read More

जो नेहरू को जानते ही नहीं वे उनसे नफरत कैसे कर सकते हैं!- अपूर्वानंद

May 29, 2021

जो आसानी से समझा न जाए वह या तो देवता बना दिया जाता है या उसे सजा दी जाती है. तो आसानी के इस जमाने में नेहरू को ठिकाने लगाने की जुगत देखकर हैरानी क्यों हो!  आश्चर्य नहीं कि नेहरू ज़्यादातर लोगों को समझ में नहीं आए और न अब भी आते हैं! जब मैकदा […]

Read More

हमारा समाज मंदिर के लिए आंदोलन करता है लेकिन अस्पताल के लिए क्यों नहीं?

May 19, 2021

अजय कुमार हम ढंग से न अपनी जिंदगी के प्रति सोचते हैं और न ही उस संस्था के प्रति जिसे हमारी जिंदगी को संवारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।मेरे गांव में कुछ दिन पहले सांप काटने की वजह से नौजवानी में कदम रख रहे एक साथी की असमय मौत हो गई। इस जीवन को बचाया […]

Read More