विमर्श

नफरत बेचो, मुनाफ़ा कमाओ: फेसबुक की इंडिया स्‍टोरी और उससे आगे- सुभाष गाताडे

August 24, 2020

कुछ वाकई में मनोरोगी जैसे दिख रहे थे। लोगों का बहुलांश चिथड़े लपेटे और निरक्षर किसानों का था, जो तुत्सी के प्रति नफरत की भावना से आसानी से उन्माद में आ सकते थे। मैं जिनसे मिला उनमें शायद सबसे भयावह लोग थे शिक्षित राजनीतिक अभिजात, आकर्षक व्यक्तित्व वाले और नफासत भरे स्त्री और पुरुष, जो […]

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परसाई : लेखन से झांकता समय – प्रभाकर चौबे

August 22, 2020

व्यंग्य पुरोधा हरिशंकर परसाई के लेखन पर उन्हीं की परम्परा के प्रतिष्ठित व्यंग्यकार प्रभाकर चौबे का आलेख –  “मैं ऐसा मानता हूँ कि परसाई जी का लेखन भी एक्टीविज्म का एक जरूरी हिस्सा रहा । वे अपने लेखन को एक्टीविज्म के एक हिस्से के रूप में लेते थे और इसी कारण उनका लेखन मनोरंजन […]

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हमारे समय के हीरो? – सुभाष गाताडे

August 18, 2020

फिलिस्तीनी कवि महमूद डारविश की कविता मेमोरी फॉर फ़ॉरगेटेबिलिटी 1982 में लेबनान पर इज़राइली आक्रमण का पीछा करती है जिसमें बेरुत, जहाँ वे खुद रहते थे पर बमबारी की गई थी। उन्होंने लिखा था कि “बेरूत, इजरायल के टैंकों और आधिकारिक तौर पर लकवाग्रस्त अरब से घिरा हुआ था,”। बेरुत बड़े धैर्य से जमा हुआ […]

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रूसी कोरोना वायरस वैक्सीन: टीका-वर्चस्वाद और स्वस्थ्य सुरक्षा के खतरे

August 17, 2020

डॉ. युसुफ़ अख़्तर रूस द्वारा निर्मित स्पूतनिक-5 कोरोना वायरस वैक्सीन स्वास्थ्य संबंधी कुछ अहम चरणों की अनदेखी कर रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जनवरी, 2019, में वैश्विक स्वास्थ्य के लिए शीर्ष दस खतरों में ‘टीकाकरण के प्रति संकोच’ को बड़े खचरे के तौर पर सूचीबद्ध किया है. इसने टीकाकरण के संकोच को टीके की […]

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मुर्मू की नियुक्ति सीएजी कार्यालय में नाराज़गी का कारण बन गई है

August 11, 2020

परन्जॉय गुहा ठाकुरता – जी सी मुर्मू के भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के तौर पर नियुक्ति ने इस संवैधानिक प्राधिकार में मौजूद उच्च विभागों के क्रम को कुछ हद तक बिखेर देने का काम किया है। कई लोग इसे राजनीतिक नियुक्ति के तौर पर देख रहे हैं जिसमें उन्हें प्रधानमंत्री के साथ की […]

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भारतीय संविधान का जश्न मनाओ, रौशन करो और उसकी रक्षा करो

August 8, 2020

अबान रज़ा इस संविधान में भारत के विचार को औपचारिक रूप दिया गया था और इसका उद्देश्य प्रगति का होना था। एक असाधारण दस्तावेज़ जिस पर ग़ैर-काल्पनिक ढंग से हमले किए गए और इसके बचाव में सबको कूदना पड़ा, क्योंकि इसे बचाने की ज़िम्मेदारी हम में से हर एक की है। 5 अगस्त को भारतीय […]

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कोरोना: महामारी को धर्म से जोड़ने का इतिहास

August 6, 2020

 अनिल चमड़िया अंग्रेजी शासनकाल में बाल गंगाघर तिलक ने जिस तरह से प्लेग को धर्म से जोड़ा था वैसा ही कुछ हम आज कोरोना के मामले में देख रहे हैं.  कोरोना पहली ऐसी महामारी नहीं है जब उसके बहाने साम्प्रदायिकता का माहौल बनाया गया हो. एक सौ चौबीस साल पहले प्लेग के बहाने साम्प्रदायिकता […]

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राजनीति का समाजशास्त्रीय अध्ययन—प्रभाकर चौबे

June 21, 2020

प्रभाकर चौबे—( 1 अक्टूबर 1935- 21 जून 2018) : आज सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार व संपादक रहे प्रभाकर चौबे की दूसरी बरसी है……वे अंतिम समय तक लगातार बौद्धिक रूप से सजग व सक्रिय रहे । मृत्यु के ठीक 3 दिन पूर्व 18 जून 2018 को उनका अंतिम नियमित आलेख प्रकाशित हुआ था। यह आलेख आज भी […]

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हे विदूषक तुम मेरे प्रियः प्रभाकर चौबे 12 वीं कड़ी – विदूषक की पदोन्नति हुई

June 20, 2020

सुप्रसिद्ध साहित्यकार,प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व संपादक रहे श्री प्रभाकर चौबे लगभग 6 दशकों तक अपनी लेखनी से लोकशिक्षण का कार्य करते रहे । उनके व्यंग्य लेखन का ,उनके व्यंग्य उपन्यास, उपन्यास, कविताओं एवं ससामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों के संकलन बहुत कम ही प्रकाशित हो पाए । हमारी कोशिश जारी है कि हम उनके समग्र लेखन को प्रकाशित कर सकें […]

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हे विदूषक तुम मेरे प्रियः प्रभाकर चौबे 11 वीं कड़ी – गंदगी भगाने विदूषक का सुझाव

June 19, 2020

सुप्रसिद्ध साहित्यकार,प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व संपादक रहे श्री प्रभाकर चौबे लगभग 6 दशकों तक अपनी लेखनी से लोकशिक्षण का कार्य करते रहे । उनके व्यंग्य लेखन का ,उनके व्यंग्य उपन्यास, उपन्यास, कविताओं एवं ससामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों के संकलन बहुत कम ही प्रकाशित हो पाए । हमारी कोशिश जारी है कि हम उनके समग्र लेखन को प्रकाशित कर सकें […]

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