विमर्श

हे विदूषक तुम मेरे प्रिय— प्रभाकर चौबे 3- आयोगारोपण का सुझाव

April 20, 2020

सुप्रसिद्ध साहित्यकार,प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व संपादक रहे श्री प्रभाकर चौबे लगभग 6 दशकों तक अपनी लेखनी से लोकशिक्षण का कार्य करते रहे । उनके व्यंग्य लेखन का ,उनके व्यंग्य उपन्यास, उपन्यास, कविताओं एवं ससामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों के संकलन बहुत कम ही प्रकाशित हो पाए । हमारी कोशिश जारी है कि हम उनके समग्र […]

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हे विदूषक तुम मेरे प्रिय 2- प्रभाकर चौबे

April 17, 2020

सुप्रसिद्ध साहित्यकार,प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व संपादक रहे श्री प्रभाकर चौबे लगभग 6 दशकों तक अपनी लेखनी से लोकशिक्षण का कार्य करते रहे । उनके व्यंग्य लेखन का ,उनके व्यंग्य उपन्यास, उपन्यास, कविताओं एवं ससामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों के संकलन बहुत कम ही प्रकाशित हो पाए । हमारी कोशिश जारी है कि हम उनके समग्र […]

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हे विदूषक तुम मेरे प्रिय- प्रभाकर चौबे

April 15, 2020

    सुप्रसिद्ध साहित्यकार,प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व संपादक रहे श्री प्रभाकर चौबे लगभग 6 दशकों तक अपनी लेखनी से लोकशिक्षण का कार्य करते रहे । उनके व्यंग्य लेखन का ,उनके व्यंग्य उपन्यास, उपन्यास, कविताओं एवं ससामयिक विषयों पर लिखे गए लेखों के संकलन बहुत कम ही प्रकाशित हो पाए । हमारी कोशिश जारी है कि हम उनके […]

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I have a dream today- martin Luther King

April 14, 2020

A famous speech of Martin Luther King Jr. In his iconic speech at the Lincoln Memorial for the 1963 March on Washington for Jobs and Freedom, King urged America to “make real the promises of democracy.” King synthesized portions of his earlier speeches to capture both the necessity for change and the potential for hope […]

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कोरोना वायरस के मरीज को वेंटिलेटर क्यों ज़रूरी है?

April 8, 2020

कोरोना वायरस शरीर की श्वसन प्रणाली पर हमला करता है. कोरोना के शिकार कम से कम 20 फीसदी मामलों में देखा गया है कि वायरस फेफड़ों के इतनी अंदर बैठा होता है कि मरीज के लिए सांस लेना ही मुश्किल हो जाता है. ऐसे में जल्द से जल्द वेंटिलेटर लगाने की जरूरत पड़ती है. समस्या […]

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कोरोना-काल में आदिवासी : ‘बाजार बंद होने से क्या हुआ, जंगल तो खुला है’

April 7, 2020

‘बाजार तो बंद आहे लेकिन जंगल बंद तो नखे नि’ (बाजार बंद होने से क्या हुआ, जंगल तो खुला है). वन से जलावन के लिए लकड़ी लेकर आने वाली एक आदिवासी महिला के ये शब्द हैं. उन्होंने कोरोना वायरस के बारे मे सुना है और उन्हें उससे डर भी है पर लॉक डाउन से कोई […]

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कोरोनाः धर्म और विज्ञान – राम पुनियानी

April 5, 2020

 इन दिनों पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है. इससे लड़ने और इसे परास्त करने के लिए विश्वव्यापी मुहिम चल रही है. मानवता एक लंबे समय के बाद इस तरह के खतरे का सामना कर रही है. किसी ज्योतिषी ने यह भविष्यवाणी नहीं की थी कि पूरी दुनिया पर इस तरह की मुसीबत आने […]

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कोरोना से लड़ाई में अंधश्रद्धा के लिए कोई जगह नहीं -राम पुनियानी

March 31, 2020

इस समय (मार्च 2020) पूरी दुनिया, कोविड -19 वैश्विक महामारी से मुकाबला करने में जुटी है. चीन से शुरू हुई यह जानलेवा बीमारी विश्व के लगभग सभी देशों में फैल गई है. अपनी आबादी और आकार के चलते भारत के लिए इस बीमारी से लड़ना एक बड़ी चुनौती है. इस सिलसिले में कई कदम उठाए […]

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भारत में मोदी की अब तक की पूरी भूमिका का अमेरिका से क्या संबंध है ?- अरुण माहेश्वरी

March 31, 2020

मोदी के इन छ: सालों में हो रही तमाम बर्बादियों के इतिहास को देखते हुए अब इस बात की खोज करने की ज़रूरत है कि आख़िर इस सरकार का असली सूत्रधार कौन है ? आरएसएस ही आखिर क्या है ? हमने 1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने के बाद ही आरएसएस पर एक शोध […]

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बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं और बड़ी आबादी एक चुनौती

March 27, 2020

लगातार घातक बनते जा रहे वायरस को नोवल कोरोना वायरस नाम दिया गया है जो पशुओं में आम है। यह एक ‘जूनोटिक’ वायरस है। यानी यह जानवर से मनुष्य में फैलता है। वायरस पर एंटीबॉयोटिक दवाइयों का असर नहीं होता, इसलिए चिकित्सकों को नहीं पता कि इससे कैसे निपटा जाए। यह सच है कि कोरोनो […]

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