सम्पादकीय

सुरेश स्वप्निलः‘ समय के विरुद्ध’ जीने वाला शख़्स

March 10, 2021

शरद कोकास आज 10 मार्च, सुरेश स्वप्निल का जन्मदिन है । सुरेश स्वप्निल से मेरी पहली मुलाकात मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा, जानकी रमण महाविद्यालय बलदेव बाग, जबलपुर में आयोजित दस दिवसीय कविता रचना शिविर के प्रथम दिन अर्थात 21 मई 1984 को हुई थी । उन दिनों छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश अलग अलग नहीं हुआ था […]

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“जो नहीं बदला है वह है ‘राजनैतिक हिंदुत्व’!”

March 9, 2021

वंदिता मिश्रा नामवर सिंह जैसे दिग्गज साहित्यकार के मार्गदर्शन में काम कर चुके पुरुषोत्तम अग्रवाल की नयी पुस्तक ‘कौन हैं भारत माता?’ प्रकाशित हुई। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सम्बंध में मिथकों को तोड़ने, सत्य को उभारने और प्रकाश को सही जगह डालने की भरपूर कोशिश की है। पुस्तक में वो नेहरू […]

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रज़ा शताब्दी वर्षः सैय्यद हैदर रज़ा साहब के चित्रों को देखते हुए

February 27, 2021

मुकेश बिजौले भारतीय दर्शन में रज़ा साहब का गहरा विश्वास रहा है यही कारण है कि वे आंतरिक स्तर पर  आध्यात्मिक यात्रा करते हुए विंदु पर एकाग्र हो जाते हैं जो उनकी कला यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्रीय रूपाकार है, बल्कि रंग और रूपों के माध्यम से भारतीयता को महसूस कराते हैं। रज़ा साहब भारतीय कला परम्परा […]

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अमृतलाल नागर: हाईस्कूल पास एक साहित्यकार जिसे दुनिया पढ़ती है

February 24, 2021

एम.ए. समीर हिंदी साहित्य में महान कथाकार अमृतलाल नागर का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है अगर यह कहा जाए कि उपन्यास-सम्राट प्रेमचंद की अमर कृति ‘गोदान’ की तुलना का कोई उपन्यास है तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह उपन्यास महान साहित्यकार अमृतलाल नागर का ‘मानस का हंस’ है. हिंदी साहित्य […]

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ये हमारी चॉइस नहीं है कि हमें एक्टिविस्ट बनना है : राजवीर कौर

February 24, 2021

नाज़मा ख़ान ”ये हमारी चॉइस नहीं है कि हमें एक्टिविस्ट बनना है, लेकिन अगर आपको जीना है, तो हर ग़लत के ख़िलाफ़ खड़ा होना होगा।” यह कहना है नौदीप की बहन  राजवीर कौर का। नाज़मा ख़ान ने उनसे मुलाकात और बात की।  मेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं […]

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सुदर्शन फाकिर: एक ऐसा शायर जिसका न कोई उस्ताद था और न कोई शागिर्द

February 21, 2021

अमरीक सिंह बचपन की याद हो या जवानी में होते-होते रह गई कोई दुर्घटना, सुदर्शन फाकिर पर जो गुजरी उसे उनकी शायरी में जगह मिल गई फाकिर के गीतों को बेगम अख्तर, मोहम्मद रफी, मन्ना डे, उदित नारायण, कविता कृष्णमूर्ति, अभिजीत, कुमार सानू सहित फिल्म संगीत के तमाम बड़े नामों ने अपनी आवाज दी है. […]

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यदि राजा रवि वर्मा न होते तो हम शायद किसी और रूप-रंग की सरस्वती की पूजा कर रहे होते!

February 16, 2021

चंदन शर्मा मशहूर पेंटिंग ‘देवी सरस्वती’ को 1896 में अद्भुत प्रतिभा के धनी राजा रवि वर्मा ने बनाया था आज बसंत पंचमी है. हर साल विक्रमी संवत के माघ महीने की शुक्ल पंचमी को देश में बड़े धूमधाम से विद्या की देवी मानी जाने वाली सरस्वती की आराधना की जाती है. हिंदू धर्म में इनका […]

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फ़ैज़ अहमद फ़ैज़: जैसे बीमार को बेवजह क़रार आ जाए…

February 13, 2021

कृष्णकांत फ़ैज़ ऐसे शायर हैं जो सीमाओं का अतिक्रमण करके न सिर्फ़ भारत-पाकिस्तान, बल्कि पूरी दुनिया के काव्य-प्रेमियों को जोड़ते हैं. वे प्रेम, इंसानियत, संघर्ष, पीड़ा और क्रांति को एक सूत्र में पिरोने वाले अनूठे शायर हैं. कुछ बरस पहले हमारी एक मित्र अपनी परीक्षा के एक दिन पहले फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की कुछ नज़्में […]

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धूमिल की यह कविता अभी ठीक से पढ़ी जानी बाकी है – प्रियदर्शन

February 10, 2021

आधी सदी पहले सुदामा पांडेय यानी धूमिल ने ‘पटकथा’ नाम की वह कविता लिखी थी जिसने तार-तार होते हिंदुस्तान को इस तरह देखा जैसे पहले किसी ने नहीं देखा था इन दिनों अराजकता, लोकतंत्र, उम्मीद और क्रांति जैसे ढेर सारे शब्द सुनने को मिलते रहते हैं. राजनीति की इस नई हलचल के बीच हिंदी के […]

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कहानीः बुलबुल और गुलाब – ऑस्कर वाइल्ड

February 6, 2021

ऑस्कर वाइल्ड (15 अक्टूबर 1854-30 नवम्बर 1900-पेरिस) – अद्भुत कल्पनाशीलता और प्रखर विचारों के धनी ऑस्कर वाइल्ड ने कई उल्लेखनीय  कविता, कहानी,उपन्यास और नाटक लिखे। अँग्रेजी साहित्य में उनका नाम प्राथमिकता से लिया जाता है। विश्व की कई भाषाओं में उनकी कृतियाँ अनुवादित हो चुकी हैं। ‘द बैलेड ऑफ रीडिंग गोल’ और ‘डी प्रोफनडिस’, ‘द […]

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